Amazon का बड़ा दांव! Quick Commerce में नंबर-1 बनने की तैयारी, 100 शहरों तक विस्तार का प्लान
Amazon का Quick Commerce को लेकर बड़ा विजन-Amazon India के कंट्री हेड समीर कुमार के मुताबिक Quick Commerce सिर्फ तेज डिलीवरी का मॉडल नहीं है, बल्कि यह ऑनलाइन रिटेल का अगला बड़ा चरण है। भारत में इसकी बढ़ती लोकप्रियता पारंपरिक ई-कॉमर्स को नुकसान नहीं पहुंचा रही, बल्कि खरीदारी के नए अवसर पैदा कर रही है। Amazon का अनुभव और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर इसे इस क्षेत्र में आगे बढ़ने में मदद करेगा।
Amazon Now का तेजी से विस्तार-Amazon की Quick Commerce सेवा Amazon Now फिलहाल 12 से ज्यादा शहरों में उपलब्ध है। कंपनी का लक्ष्य इसे 100 से अधिक शहरों तक पहुंचाना है। इसके लिए 1,000 से ज्यादा माइक्रो-फुलफिलमेंट सेंटर बनाने की योजना है, जिससे ग्राहकों को तेजी से सामान मिल सकेगा और भरोसा बढ़ेगा।
भारत में Quick Commerce का तेजी से बढ़ता क्रेज-भारत में ग्राहकों की खरीदारी की आदतें बदल रही हैं। अब लोग घंटों या दिनों तक इंतजार नहीं करते, बल्कि मिनटों में डिलीवरी चाहते हैं। शुरुआत में यह सेवा किराना तक सीमित थी, लेकिन अब इलेक्ट्रॉनिक्स, फैशन और घरेलू सामान भी इसमें शामिल हो रहे हैं। खासकर युवा समय बचाने और सुविधा को प्राथमिकता देते हैं।
Blinkit, Zepto और Swiggy Instamart से कड़ी टक्कर-Quick Commerce में Blinkit, Zepto, Swiggy Instamart और Flipkart जैसे बड़े खिलाड़ी पहले से सक्रिय हैं। ये कंपनियां अपने नेटवर्क का विस्तार कर बेहतर सेवा देने में जुटी हैं। इसके बावजूद Amazon को भरोसा है कि वह जल्द इस बाजार का नंबर-1 नाम बनेगा।
Prime Membership Amazon की सबसे बड़ी ताकत-Amazon का Prime प्रोग्राम उसे बाकी कंपनियों से अलग बनाता है। Prime सदस्य सामान्य ग्राहकों की तुलना में तीन गुना ज्यादा खरीदारी करते हैं। तेज डिलीवरी, बेहतर ऑफर और विशाल प्रोडक्ट रेंज के कारण Prime नेटवर्क Quick Commerce के विस्तार का मजबूत आधार है।
कारोबार हर महीने 25% की दर से बढ़ रहा है-Amazon ने बताया कि Quick Commerce कारोबार में हर महीने करीब 25 प्रतिशत की वृद्धि हो रही है। जैसे-जैसे शहरों और वितरण केंद्रों की संख्या बढ़ेगी, ग्राहकों को और बेहतर सेवा और उत्पाद मिलेंगे, जिससे कारोबार की रफ्तार और तेज होगी।
भारत में 35 अरब डॉलर का बड़ा निवेश प्लान-Amazon ने 2030 तक भारत में 35 अरब डॉलर का अतिरिक्त निवेश करने की घोषणा की है। यह निवेश कारोबार विस्तार, AI आधारित डिजिटलीकरण, निर्यात बढ़ाने और रोजगार सृजन में होगा। पहले ही कंपनी ने भारत में करीब 40 अरब डॉलर का निवेश किया है।
वैश्विक चुनौतियों के बीच Amazon का आशावाद-भू-राजनीतिक तनाव और ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद Amazon स्थिति पर नजर बनाए हुए है। समीर कुमार के अनुसार ये चुनौतियां अस्थायी हैं। कंपनी को भरोसा है कि लंबी अवधि में भारत का ई-कॉमर्स और Quick Commerce बाजार जबरदस्त संभावनाएं लेकर आएगा।
