चेंगदू. शाइना मणिमुथु और दीक्षा सुधाकर ने रविवार को यहां अपने-अपने वर्ग में स्वर्ण पदक जीते जिससे भारत बैडमिंटन एशिया अंडर-17 और अंडर-15 चैंपियनशिप में अपना अब तक का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने में सफल रहा. अंडर-15 बालिका एकल फाइनल में शाइना ने जापान की चिहारू तोमिता को 21-14, 22-20 से हराया, जबकि दीक्षा ने हमवतन लक्ष्य राजेश को 21-16, 21-9 से हराकर अंडर-17 बालिका एकल का खिताब जीता.

इस तरह से भारतीय दल ने दो स्वर्ण, एक रजत और दो कांस्य पदकों के साथ महाद्वीपीय स्पर्धा का समापन किया जो चैंपियनशिप में उसका अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है. भारत ने पिछली बार 2013 में दो स्वर्ण पदक जीते थे. तब सिरिल वर्मा ने अंडर-15 लड़कों का एकल खिताब और चिराग शेट्टी और एमआर अर्जुन ने अंडर-17 लड़कों का युगल खिताब जीता था.

शाइना अंडर-15 वर्ग का खिताब जीतने वाली चौथी भारतीय महिला एकल खिलाड़ी बन गईं. उन्होंने पहले गेम में तोमिता पर दबदबा बनाया और फिर दूसरे गेम में जापान की खिलाड़ी की कड़ी चुनौती से पार पाते हुए मैच 44 मिनट में जीत लिया. दीक्षा 27 मिनट तक चले फाइनल में अपना दबदबा कायम रखते हुए अंडर-17 खिताब जीतने वाली पहली भारतीय महिला एकल खिलाड़ी बनीं. जगशेर सिंह खंगगुरा तथा जंगजीत सिंह काजला और जननिका रमेश की मिश्रित युगल जोड़ी ने शनिवार को कांस्य पदक जीता था.



राष्ट्रवाणी एक डिजिटल समाचार एवं जनचर्चा मंच है, जिसका उद्देश्य विश्वसनीय पत्रकारिता, सार्थक राष्ट्रीय विमर्श और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रभावशाली तरीके से समाज के सामने प्रस्तुत करना है।

हम मानते हैं कि पत्रकारिता केवल समाचार देने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करने, लोकतांत्रिक संवाद को मजबूत बनाने और राष्ट्र निर्माण की दिशा में सकारात्मक सोच विकसित करने का दायित्व भी है। “राष्ट्र प्रथम” की भावना के साथ राष्ट्रवाणी देश, समाज, शासन, अर्थव्यवस्था, कृषि, तकनीक, संस्कृति और जनसरोकारों से जुड़े विषयों को गहराई और तथ्यात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत करता है।

संपादक : नीरज दीवान

मोबाइल नंबर : 7024799009

© 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.
Exit mobile version