भारतीय क्रिकेट में इस समय खेल से ज्यादा ड्रामा और गॉसिप का बाजार गर्म है। पिछले 24 घंटों में रोहित शर्मा के संन्यास को लेकर जो सर्कस देखने को मिला है, उसने भारतीय ड्रेसिंग रूम की मानसिक स्थिति को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है। एक तरफ रोहित शर्मा मैदान पर शतक जड़कर आलोचकों का मुंह बंद कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ उनके संन्यास की उड़ती अफवाहों के बीच उनकी पत्नी रितिका सजदेह का अचानक लॉर्ड्स पहुंचना और बीसीसीआई का पर्दे के पीछे से सलाह जारी करना किसी सस्पेंस थ्रिलर फिल्म जैसा लगता है। इस आग में घी डालने का काम किया कार्यवाहक वनडे कप्तान शुभमन गिल के उस बयान ने, जिसमें उन्होंने बेहद ठंडे लहजे में कह दिया, “रोहित ने हमें अपने भविष्य के बारे में कुछ नहीं बताया है”।
यह बयान साफ दर्शाता है कि भारतीय टीम में सीनियर और जूनियर खिलाड़ियों के बीच संवादहीनता का एक गहरा गड्ढा तैयार हो चुका है। दिनेश कार्तिक ने भी इस पर तंज कसते हुए कहा कि हर कहानी का अंत सुखद नहीं होता। जब टीम इंडिया मैदान पर सीरीज गंवा रही थी, तब टीम के खिलाड़ी और पूर्व क्रिकेटर मीडिया में बैठकर भविष्य की भविष्यवाणियां कर रहे थे। एक कप्तान जो टीम को मैच जिताने के लिए लड़ रहा है, उसके संन्यास पर इस तरह का खुला तमाशा बनाना बीसीसीआई और टीम प्रबंधन के ढीले रवैये को उजागर करता है। अगर खिलाड़ियों का ध्यान खेल पर कम और इस बात पर ज्यादा रहेगा कि कौन कब संन्यास ले रहा है, तो मैदान पर नतीजे ऐसे ही शर्मनाक आएंगे जैसे इंग्लैंड के खिलाफ देखने को मिले हैं।

