जलपाईगुड़ी. पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले की एक विशेष पॉक्सो अदालत ने एक नाबालिग के साथ बलात्कार और हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए तीन लोगों को बृहस्पतिवार को फांसी की सजा सुनाई. यह घटना लगभग पांच साल पहले हुई थी. रहमान अली, जमीरुल और तामीरुल पर पीड़िता का अपहरण करने और कई दिनों तक उसके साथ बार-बार बलात्कार करने, फिर चराई नदी के किनारे गला घोंटकर उसकी हत्या करने और सबूत मिटाने के लिए उसके शव को पड़ोस में निर्माणाधीन सेप्टिक टैंक में फेंकने का आरोप था.

न्यायाधीश रिंटू सूर ने बुधवार को अदालत में 27 गवाहों की गवाही के बाद तीनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए यह सजा सुनाई.
अपराध की यह घटना अगस्त 2020 में उत्तर बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले के राजगंज पुलिस थाना क्षेत्र में हुई थी. मामला तब सामने आया जब स्थानीय मदरसे में दसवीं कक्षा की छात्रा 16 वर्षीय लड़की के परिवार ने गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई. बाद में पीड़िता का शव आंशिक रूप से सड़ी हुई अवस्था में एक आरोपी के घर के पास स्थित सेप्टिक टैंक से बरामद किया गया, जहां उसे फेंका गया था.

अदालत ने मृत्युदंड सुनाते हुए कहा कि यह अपराध ‘दुर्लभतम’ श्रेणी में आता है. पुलिस के अनुसार, तीनों दोषियों की उम्र लगभग 30-35 वर्ष के बीच है और वे एकदूसरे के पड़ोसी गांवों में रहते हैं. पुलिस ने बताया कि तीनों ने 10 अगस्त, 2020 को पीड़िता को उसके घर के पास से अगवा करने और उसे स्थानीय होटलों सहित अलग-अलग जगहों पर ले जाकर उसका यौन शोषण करने की बात कबूल की है. बाद में उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी गई और उसके शव को सेप्टिक टैंक में फेंक दिया गया.

ओडिशा: नाबालिग से बलात्कार के मामले में व्यक्ति को 20 साल कैद की सजा भुवनेश्वर, 10 जुलाई (भाषा) यहां की एक पॉक्सो अदालत ने बृहस्पतिवार को एक व्यक्ति को पांच साल पहले 17 वर्षीय लड़की से बलात्कार के जुर्म में 20 साल कैद की सजा सुनाई. एक सरकारी वकील ने यह जानकारी दी. विशेष लोक अभियोजक राजीब ससमल ने बताया कि यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) कानून के तहत मामलों की सुनवाई करने वाली विशेष अदालत के न्यायाधीश सरोज कुमार साहू ने बलात्कार के मामले में दोषी ठहराए गए 21 वर्षीय राजा मलिक पर 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया.

न्यायाधीश ने आदेश दिया कि अगर राजा जुर्माना अदा नहीं करता है, तो उसे तीन महीने की जेल की अतिरिक्त सज.ा काटनी होगी.
ससमल ने बताया कि 14 गवाहों और 73 दस्तावेजों पर विचार करते हुए अदालत ने यह फैसला सुनाया. विशेष लोक अभियोजक ने कहा कि अदालत ने खुर्दा स्थित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) को पीड़िता को 3.5 लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्देश दिया है. अभियोजन पक्ष के अनुसार, पीड़िता दोषी को जानती थी. राजा ने 18 जुलाई, 2020 को लड़की को शादी का झांसा देकर अगवा कर लिया और बाद में उससे बलात्कार किया. लड़की के परिवार ने खंडगिरी थाने में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने जांच के बाद उसी साल 24 अक्टूबर को लड़की को बरामद किया और 27 अक्टूबर को भुवनेश्वर के बारामुंडा इलाके से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया.

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