विधायक रिकेश सेन ने मुख्यमंत्री को सौंपे दस्तावेज
भिलाईनगर, 26 जून 2026। वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन ने भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) में वर्षों से कथित रूप से चल रहे संगठित लोहा चोरी के नेटवर्क के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू किया है। उन्होंने इस मामले को राष्ट्रीय संपत्ति से जुड़ा गंभीर आर्थिक अपराध बताते हुए इसकी निष्पक्ष एवं व्यापक जांच केंद्रीय एजेंसियों से कराने की मांग की है।
इसी सिलसिले में विधायक रिकेश सेन ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात कर मामले से जुड़े दस्तावेज और तथ्य सौंपे। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि कुछ अधिकारियों की कथित मिलीभगत से संगठित गिरोह लंबे समय से संयंत्र से लोहा चोरी कर रहा है, जिससे देश की बहुमूल्य संपत्ति को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा है।
विधायक ने यह भी दावा किया कि इस अवैध कारोबार से अर्जित धन का उपयोग विभिन्न चुनावों में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशियों के खिलाफ किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय एजेंसियों से जांच कराने पर सहमति जताई। उन्होंने कहा कि भिलाई इस्पात संयंत्र जैसे राष्ट्रीय महत्व के संस्थान की संपत्ति की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और लोहा चोरी पर प्रभावी रोक लगाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
विधायक रिकेश सेन ने बताया कि इस मुद्दे पर उन्होंने बीएसपी की विभिन्न श्रमिक और कर्मचारी यूनियनों के प्रतिनिधियों से भी चर्चा की है। श्रमिक संगठनों ने संयंत्र की संपत्ति की सुरक्षा और कथित भ्रष्ट तंत्र के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग का समर्थन किया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी मुहिम किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि वर्षों से सक्रिय उस संगठित नेटवर्क के विरुद्ध है, जिसने राष्ट्रीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि इस मामले की शिकायत केंद्रीय इस्पात मंत्री, आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू), एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) तथा अन्य सक्षम केंद्रीय जांच एजेंसियों को भी भेजी जाएगी।
विधायक ने कहा कि यदि समय रहते इस नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो राष्ट्रीय संपत्ति को नुकसान पहुंचने का सिलसिला जारी रहेगा। उनका उद्देश्य दोषियों को बेनकाब करने के साथ-साथ भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं पर स्थायी रोक सुनिश्चित करना है।
उन्होंने कहा कि “भिलाई इस्पात संयंत्र केवल एक औद्योगिक इकाई नहीं, बल्कि देश की आर्थिक शक्ति और राष्ट्रीय धरोहर है। इसकी सुरक्षा हम सभी की जिम्मेदारी है।”

