दुर्ग। भिलाई स्टील प्लांट प्रबंधन और संयंत्र की प्रमुख यूनियनों की बैठक हुई, जिसमें कई निर्णय लिए गए। ED पर्सनल पवन ने बताया कि बैठक में प्रबंधन ने कई नियमों से यूनियनों को अवगत करवाया। बताया गया कि SESBF में कर्मियों का जमा पैसा एक बार में NPS में ट्रांसफर कर दिया जाए तो टैक्स नहीं लगेगा। पुराने स्कीम (SESBF) में सिर्फ 7  प्रतिशत ही मिल रहा है। यदि nps में ट्रांसफर हो जाए तो ब्याज दर 8 से 14 प्रतिशत तक मिलने की संभावना है।

बैठक में बताया गया कि यदि कर्मी अभी स्विफ्ट नहीं करते तो बाद में टैक्स लग सकता है। प्लांट के एक्सपेंशन का अगला चरण 10.5 मिलियन टन की योजना आज पास हुआ है। अभी संयंत्र 7 मिलियन टन की क्षमता में संचालित है। हालांकि प्रबंधन ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस एक्सपेंशन के लिए और मैंन पावर नहीं बढ़ेगा, जो मैन पावर अभी है उसी में चलेगा। यदि JLN अस्पताल प्राइवेट हाथों में जाता है तो EX एम्पलॉइज के लिए एडिशनल सुविधा देगा प्रबंधन, जो भी रेट उनके मेडिक्लेम में वृद्धि होगी उसका भुगतान प्रबंधन करेगा। ठेका श्रमिकों के Skaro account खोले जाएंगे, यह ऐसे अकाउंट होंगे, जिससे ठेकदार उनसे उनका पैसा नहीं मार पाएंगे। टाउनशिप की बिजली अब CSPDCL को ट्रांसफर की जाएगी।

बैठक में bsp worker’s Union (BWU) ने कर्मियों के हित में अपनी मांगें रखी। उनकी मांगों में सेक्टर के छोटे मकान जैसे ट्यूबलर शेड जो आजू बाजू है उसके अलावा जो दूर दूर है उनको भी ट्विन अलॉटमेंट के तहत दिया जाए। नियमित कर्मियों का भी 25 लाख का मेडिक्लेम करें, जिससे रेफरल के लिए कर्मचारियों को दूसरे अस्पताल न भेजना पड़े। 650 sq ft मकानों को लाइसेंस में दिया जाए, जिससे रिटेंशन धारियों को राहत मिले। “सब्जेक्ट टू वेकेशन” स्कीम को दोबारा फिर से जल्द शुरू किया जाए। खुर्सीपार के छोटे मकानों का ट्विन अलॉटमेंट कर्मियों को किया जाए। बीएसपी स्कूलों में कार्यरत कॉन्ट्रैक्ट टीचरों का सम्मानजनक पेमेंट बढ़ाया जाए, जिससे शिक्षा का स्तर भी अच्छा होगा, क्वाल्टी टीचर मिलेंगे। भिलाई इस्पात संयंत्र के स्कूलों में ठेका श्रमिक के बच्चों को भी एडमिशन में प्राथमिकता मिले।




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