मुंबई/बेंगलुरु. दिल्ली के पूर्व कप्तान मिथुन मन्हास को रविवार को यहां भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के मुख्यालय में उसकी 94वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) के दौरान निर्विरोध अध्यक्ष चुना गया जबकि बोर्ड के सचिव देवजीत सैकिया सहित अन्य सदस्य भी निर्विरोध चुने गए. मन्हास (45 वर्ष) बोर्ड के 37वें अध्यक्ष बने. उन्होंने रोजर बिन्नी की जगह ली जिन्होंने पिछले महीने 70 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद पद से इस्तीफा दे दिया था.

मन्हास बिन्नी और पूर्व कप्तान सौरव गांगुली के बाद बोर्ड के अध्यक्ष बनने वाले लगातार तीसरे प्रथम श्रेणी क्रिकेटर हैं. पूर्व ऑलराउंडर मन्हास ने 1997-98 और 2016-17 के बीच 157 प्रथम श्रेणी, 130 लिस्ट ए और 55 आईपीएल मैच खेले. नामांकन के अंतिम दिन से पहले 20 सितंबर को नयी दिल्ली में बोर्ड के शीर्ष अधिकारियों की एक अनौपचारिक बैठक के बाद वह पद के दावेदार के रूप में उभरे थे.
उन्होंने कुप्रबंधन के कारण जम्मू-कश्मीर राज्य क्रिकेट संघ (जेकेसीए) के मामलों के प्रबंधन के लिए बीसीसीआई द्वारा गठित तीन सदस्यीय तदर्थ समिति के निदेशक के रूप में भी काम किया.

प्रथम श्रेणी में 27 शतक सहित 9,714 रन और लिस्ट ए में 4,126 रन बनाने वाले मन्हास ने कहा कि वह एक खिलाड़ी और प्रशासक के रूप में अपने अनुभव पर भरोसा करेंगे. मन्हास ने यहां मीडिया से कहा, ”दुनिया के सर्वश्रेष्ठ क्रिकेट बोर्ड का अध्यक्ष बनना मेरे लिए सम्मान की बात है. यह एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी भी है. मैं आश्वासन देता हूं कि मैं अपनी पूरी क्षमता, समर्पण और जुनून के साथ इसे निभाने के लिए प्रतिबद्ध रहूंगा.” बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में उनके चुनाव में किन कारकों ने अहम भूमिका निभाई इस बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ”शायद मेरा काम, मेरी साख… एक प्रशासक और एक क्रिकेटर, दोनों के तौर पर. पिछले चार वर्षों से मैं जेकेसीए के साथ काम कर रहा हूं. हमने काफी अच्छा काम किया है और इससे निश्चित रूप से मदद मिलेगी.” एजीएम में कुछ और अहम नियुक्तियों की भी पुष्टि की गई. बीसीसीआई सचिव सैकिया और आईपीएल संचालन परिषद के अध्यक्ष अरुण धूमल को उनके पद पर बरकरार रखा गया है. कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (केएससीए) के प्रमुख और पूर्व भारतीय क्रिकेटर रघुराम भट को कोषाध्यक्ष चुना गया.

अनुभवी प्रशासक राजीव शुक्ला बोर्ड के उपाध्यक्ष बने रहेंगे जबकि एम खैरुल जमाल मजूमदार को आईपीएल संचालन परिषद में दो प्रतिनिधियों में से एक के रूप में धूमल के साथ नामित किया गया है. प्रभतेज भाटिया को कोषाध्यक्ष की जगह संयुक्त सचिव बनाया गया है. वह रोहन गौंस देसाई की जगह लेंगे. सौराष्ट्र क्रिकेट संघ के अध्यक्ष जयदेव शाह को शीर्ष परिषद का सदस्य बनाया गया है.

सैकिया ने कहा, ”शीर्ष परिषद के पदों के लिए जिन उम्मीदवारों ने नामांकन जमा किए थे, उनमें से किसी के भी खिलाफ कोई प्रतिस्पर्धा नहीं थी. उनका चयन निर्विरोध हुआ है.” पूर्व भारतीय अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी आरपी सिंह और प्रज्ञान ओझा को पुरुष चयन पैनल में शामिल किया गया जबकि तमिलनाडु के पूर्व बल्लेबाज एस शरत जूनियर चयन समिति में वापस चले गए. शरत अब तक सीनियर चयन समिति के सदस्य थे. अजीत अगरकर की अध्यक्षता वाली सीनियर चयन समिति में अब पूर्व भारतीय खिलाड़ी शिव सुंदर दास, अजय रात्रा, आरपी सिंह और ओझा शामिल हैं. अमिता शर्मा को महिला चयन पैनल का अध्यक्ष बनाया गया है. वह नीतू डेविड की जगह लेंगी.

भारत के लिए 2002 से 2014 के बीच 116 एकदिवसीय और 41 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेलने वाली पूर्व तेज गेंदबाज अमिता के साथ चयन पैनल में पूर्व भारतीय खिलाड़ियों श्यामा डे, जया शर्मा और श्रावंति नायडू को जगह मिली है. इनके कार्यकाल की शुरुआत भारत और श्रीलंका में 30 सितंबर से दो नवंबर तक होने वाले महिला विश्व कप के बाद होगी. दोनों सहमेजबान के बीच 30 सितंबर को टूर्नामेंट का पहला मैच होगा.

सैकिया ने कहा, ”आज वार्षिक आम बैठक (एजीएम) के दौरान लिए गए मुख्य निर्णयों में से एक सीनियर पुरुष और महिला चयन समिति के सदस्यों की नियुक्ति थी. नई नियुक्तियों की प्रक्रिया चल रही थी. आज पूर्ण बहुमत के साथ इन नियुक्तियों की पुष्टि की गई.” केरल क्रिकेट संघ के अध्यक्ष जयेश जॉर्ज को महिला प्रीमियर लीग समिति का पहला स्वतंत्र अध्यक्ष नियुक्त किया गया.
वर्ष 2023 में लीग की शुरुआत के बाद से बिन्नी इस पद पर थे.

दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ के अध्यक्ष रोहन जेटली को बुनियादी ढांचा समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया. सैकिया ने कहा कि बीसीसीआई ने राज्य संघों से क्रिकेट सलाहकार समिति और अंपायर समिति सहित विभिन्न समितियों के लिए नामांकन देने को कहा है.

उन्होंने कहा, ”उन्हें संविधान के कुछ प्रावधानों का पालन करना होगा जिसमें पात्रता एक मानदंड है. हमने उनसे अनुरोध किया है कि वे उन नामों को भेजें जिन्हें वे योग्य और पात्र समझते हैं.” पंजाब क्रिकेट संघ के प्रतिनिधि के रूप में वार्षिक आम बैठक में शामिल पूर्व भारतीय स्पिनर हरभजन सिंह ने मन्हास के चुनाव का स्वागत करते हुए कहा कि बोर्ड के शीर्ष पद पर एक क्रिकेटर का होना एक सकारात्मक कदम है.

उन्होंने कहा, ”जब कोई क्रिकेटर किसी क्रिकेट संस्था का प्रमुख होता है तो उसके अनुभव और अन्य गुणों से मदद मिलती है. यह एक अच्छा फैसला है और पिछले तीन कार्यकाल से ऐसा हो रहा है जो क्रिकेटरों के लिए और खेल को कुछ वापस देने के लिए उनके लिए भी एक शानदार चीज है.” हरभजन ने कहा, ”बीसीसीआई ने इसकी शुरुआत की है और किसी भी क्रिकेटर के लिए इससे बड़ी कोई बात नहीं हो सकती कि वह खेल को कुछ वापस दे सके. मैंने अंडर-19 के दिनों से मिथुन के साथ काफी क्रिकेट खेला है और मैं उनके लिए बहुत खुश हूं.” एजीएम के दौरान हरभजन ने बीसीसीआई से बा­ढ़ प्रभावित पंजाब और अन्य उत्तर भारतीय राज्यों में राहत कार्यों में योगदान देने का भी आग्रह किया. हाल ही में बंगाल क्रिकेट संघ के अध्यक्ष बने गांगुली एजीएम में शामिल नहीं हुए.

बीसीसीआई अध्यक्ष पद की चुनौतियों के लिए तैयार ‘स्ट्रीट-स्मार्ट क्रिकेटर’ मिथुन मन्हास

मिथुन मन्हास के बीसीसीआई अध्यक्ष पद पर काबिज होने की पुष्टि रविवार को वार्षिक आम बैठक में हुई जिससे साफ दिखा कि फैसला करने वाले पदाधिकारी इस पद पर क्रिकेटरों को बनाए रखने की प्रथा जारी रखना चाहते हैं. सौरव गांगुली और हरभजन सिंह जैसे कुछ बड़े नामों के बावजूद मन्हास का चुना जाना भले ही हैरानी भरा लगे लेकिन दिल्ली के पूर्व कप्तान एक चतुर संचालक हैं जो किसी भी घटनाक्रम के उतार-च­ढ़ाव को तुरंत भांप लेते हैं.

जम्मू कश्मीर क्रिकेट संघ (जेकेसीए) में क्रिकेट परिचालन निदेशक के रूप में उनके काम का अनुभव इसका ठोस सबूत पेश करता है.
आमतौर पर इस तरह के पद आकर्षक होते हैं और इन पर बैठे लोग सत्ता के दबाव में आए बिना अपना कार्यकाल पूरा करने की कोशिश करते हैं. लेकिन 45 वर्षीय मन्हास ने सुनिश्चित किया कि वह अपना काम अच्छी तरह करें जिससे उनके मार्गदर्शन में जम्मू श्रीनगर में क्रिकेट सुविधाओं का व्यापक कायाकल्प हुआ. मन्हास ने राज्य की पिचों के पुर्निनर्माण में बड़ी भूमिका निभाई जिसका घरेलू क्रिकेटरों पर गहरा प्रभाव पड़ा.

जम्मू कश्मीर के गेंदबाजी कोच पी कृष्ण कुमार ने पीटीआई को बताया, ”नयी पिचों ने निश्चित रूप से राज्य के क्रिकेटरों के खेल के स्तर में सुधार किया है. अब वे मुंबई या बड़ौदा जैसी बड़ी टीमों का सामना करते समय अधिक आत्मविश्वास से भरे दिखते हैं. ” उन्होंने कहा, ”अब इस क्षेत्र के कई खिलाड़ी उत्तर क्षेत्र (दलीप ट्रॉफी के लिए) में हैं. निश्चित रूप से प्रशासन चीजों को बेहतर बनाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहा है और मन्हास जैसे अनुभवी और काम करने वाले व्यक्ति की मौजूदगी काफी मददगार रही है.” बीसीसीआई अध्यक्ष पद काफी जिम्मेदारियों से भरा होता है जिसके लिए ऐसे व्यक्ति की जरूरत है जो मानसिक रूप से बेहद मजबूत हो.

पिछले दो बोर्ड अध्यक्ष सौरव गांगुली और रोजर बिन्नी खिलाड़ियों के रूप में काफी प्रतिष्ठावान थे और सभी उनका सम्मान करते थे जिससे उनके फैसलों पर सवाल नहीं उठे. लेकिन मन्हास के पास यह सुविधा नहीं है. वह राज्य स्तर पर प्रशासन में माहिर हो सकते हैं लेकिन बीसीसीआई का प्रशासनिक पद मुश्किल जगह है. अब इस 45 वर्षीय खिलाड़ी को कुछ अनुभवी प्रशासकों के बीच सत्ता के गलियारों में अपनी जगह बनाने की जरूरत है. पर उनकी लगन और कड़ी मेहनत करने की इच्छाशक्ति उन्हें इसमें मदद करेगी.

बीसीसीआई के एक पूर्व अधिकारी ने कहा, ”पहले कुछ महीने उनके लिए आसान होंगे. लेकिन बाद के महीनों में माहौल और गरमा जाएगा क्योंकि भारत को अगले साल विश्व कप (टी20 विश्व कप) की मेजबानी भी करनी है जिसमें उनके प्रशासनिक कौशल की परीक्षा होगी. ” प्रथम श्रेणी में 157 मैच खेल चुके क्रिकेटर मिथुन मन्हास बीसीसीआई के 37वें अध्यक्ष बने हैं. उन्होंने कोई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच नहीं खेला है लेकिन प्रथम श्रेणी में उन्होंने 27 शतक से 9714 रन बनाए हैं जबकि लिस्ट ए मैचों में उनके 4126 रन हैं.
लगभग दो दशक की लंबी यात्रा के दौरान दाएं हाथ का यह खिलाड़ी दिल्ली ड्रेसिंग रूम का हिस्सा था जिसमें वीरेंद्र सहवाग, गौतम गंभीर, आशीष नेहरा, आकाश चोपड़ा, शिखर धवन, विराट कोहली, ऋषभ पंत आदि जैसे खिलाड़ी शामिल थे.

मन्हास कई सत्र तक उनके कप्तान भी रहे और वह किसी स्टार खिलाड़ी की मौजूदगी से घबराए बिना आम तौर पर ड्रेसिंग रूम में सामंजस्य बनाए रखते थे. मन्हास रिश्तों को निभाने का एक बेहतरीन तरीका है और यह आईपीएल में पंजाब किंग्स और गुजरात टाइटन्स के साथ उनके जुड़ाव के दौरान भी देखने को मिला जिसमें उनके पूर्व साथी सहवाग और नेहरा कोचिंग की भूमिका में थे.
पूर्व सलामी बल्लेबाज और क्रिकेट कमेंटेटेर आकाश चोपड़ा ने खेलने के दिनों को याद करते हुए कहा, ”वह हमेशा लोगों के बीच लोकप्रिय रहे. वह उस दिल्ली टीम के कप्तान थे जिसमें कई बड़े स्टार और भारत के खिलाड़ी थे. वे उनके नेतृत्व में खेले.



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