कोलकाता. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने मंगलवार को आरोप लगाया कि पार्टी के दो नेताओं, सांसद खगेन मुर्मू और विधायक शंकर घोष पर एक दिन पहले जलपाईगुड़ी जिले में अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों और रोहिंग्याओं ने हमला किया तथा घटना की राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) से जांच कराने की मांग की. भट्टाचार्य ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और वे राज्य में ऐसे तत्वों को हावी नहीं होने देंगे.

यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए भट्टाचार्य ने दावा किया, ”यह हमला अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों और रोहिंग्याओं द्वारा किया गया था. सत्तारू­ढ़ तृणमूल कांग्रेस द्वारा संरक्षित जिहादी तत्वों ने हमारे दो वरिष्ठ नेताओं पर बेवजह हमला किया, जो बा­ढ़ और भूस्खलन प्रभावित लोगों से मिलने और राहत सामग्री वितरित करने नागराकाटा गए थे.” उन्होंने तृणमूल कांग्रेस पर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की कवायद शुरु होने से पहले लोगों में भय का माहौल पैदा करने के लिए जगह-जगह हमले करवाने का भी आरोप लगाया.

भट्टाचार्य ने कहा, ”अगर कोई यह सोचता है कि भाजपा सांसदों और विधायकों पर हमला करके वे हमारे कार्यकर्ताओं में भय पैदा कर सकते हैं, तो वे गलत हैं.” उन्होंने कहा, ”हम इस घटना की एनआईए जांच की मांग करते हैं. हमें राज्य पुलिस और जांच एजेंसियों पर भरोसा नहीं है. क्या आपने इस हमले पर तृणमूल नेताओं और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का बयान सुना है?” प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि इलाके के तृणमूल कांग्रेस पंचायत प्रधान ने सबसे पहले लोगों को भड़काया. उन्होंने सवाल किया कि मौके पर मौजूद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने कोई कार्रवाई क्यों नहीं की.

उन्होंने दावा किया, ”पूरे राज्य और राष्ट्रीय राजधानी में विरोध प्रदर्शन होंगे. भाजपा पलटवार करेगी और तृणमूल कांग्रेस की भाषा में जवाब देगी. हम बंगाल में जनसांख्यिकीय परिवर्तन नहीं होने देंगे. हम इस तरह के हमलों और संवैधानिक मूल्यों व सिद्धांतों के उल्लंघन की अनुमति नहीं देंगे.” भट्टाचार्य ने कहा कि हमले के बाद अपने नेताओं की खून से लथपथ हालत में वीडियो फुटेज सामने आने के बावजूद भाजपा ने संयम बरता.

उन्होंने कहा, ”कानून के राज में विश्वास न रखने वाली इस सरकार को समझ लेना चाहिए कि उसके दिन अब गिने-चुने रह गए हैं. राज्य से जिहादी तत्वों को खदेड़ने के लिए एसआईआर अभियान चलाया जाए. हम बंगाल में जनसांख्यिकी परिवर्तन नहीं होने देंगे.” भाजपा के राज्यसभा सदस्य ने कहा कि उत्तर बंगाल में लोगों की दशा और जानमाल के नुकसान के प्रति मुख्यमंत्री (ममता बनर्जी) की ”असंवेदनशीलता” रविवार को कोलकाता के रेड रोड पर दुर्गा पूजा उत्सव में उनके शामिल होने से स्पष्ट होती है, जब मिरिक और अन्य पर्वतीय इलाकों में (हुई भारी बारिश और भूस्खलन के कारण) हताहतों की संख्या ब­ढ़ रही है.”

ममता ने भाजपा के घायल सांसद खगेन मुर्मू से सिलीगुड़ी के अस्पताल में मुलाकात की

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद खगेन मुर्मू से मंगलवार को सिलीगुड़ी के एक निजी अस्पताल में मुलाकात की, जहां उनका उपचार चल रहा है. खगेन मुर्मू पर एक दिन पहले उत्तर बंगाल के बा­ढ़ और भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों के दौरे के दौरान नागराकाटा में किये गए एक हमले में घायल हो गए थे.

मुख्यमंत्री का यह दौरा बा­ढ़ प्रभावित उत्तर बंगाल में भाजपा के दो नेताओं – मुर्मू और विधायक शंकर घोष – पर हमले को लेकर राजनीतिक तूफान खड़ा होने के एक दिन बाद हुआ. सोमवार को जलपाईगुड़ी के नागराकाटा में भूस्खलन और बा­ढ़ राहत स्थलों का दौरा करने के दौरान भीड़ द्वारा मुर्मू और घोष पर हमला किये जाने के बाद केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच टकराव शुरू हो गया था. मंगलवार को टेलीविजन पर प्रसारित दृश्यों में बनर्जी उस अस्पताल में प्रवेश करते हुए दिखीं, जहां सांसद मुर्मू उपचाराधीन हैं.

बनर्जी ने घायल सांसद, उनकी पत्नी और बेटे से कुछ मिनट बात की, उसके बाद उनका इलाज कर रहे चिकित्सकों की टीम से बात की.
सूत्रों के अनुसार, बनर्जी ने सांसद की स्थिति, उनकी चोट और दवाओं के बारे में विस्तार से पूछताछ की. उन्हें धीमे स्वर में मुर्मू से पूछते सुना गया, ”क्या आपको मधुमेह है? क्या आप नियमित रूप से इंसुलिन और दवाइयां ले रहे हैं?” अस्पताल से रवाना होने से पहले, मुख्यमंत्री बनर्जी ने मुर्मू से चिकित्सकीय सलाह का ध्यानपूर्वक पालन करने का अनुरोध किया और उनके परिवार को बताया कि सरकार हर संभव मदद करेगी.

बनर्जी ने कथित तौर पर कहा, ”अगर आपको किसी और सहायता या इलाज की जरूरत हो, तो कृपया मुझे बताएं.” हालांकि, यह अभी भी स्पष्ट नहीं है कि बनर्जी ने भाजपा विधायक शंकर घोष से मुलाकात की या नहीं. घोष भी हमले में घायल होने के बाद अस्पताल में भर्ती हैं. घोष और बनर्जी के बीच संबंध कटु हैं, क्योंकि विधानसभा में विभिन्न मुद्दों पर उनके बीच कई बार तीखी बहस हो चुकी हैं.

Share.
Leave A Reply

Exit mobile version