नई दिल्ली. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) बृहस्पतिवार को छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में यह मांग करते हुए एक विरोध प्रदर्शन करेगी कि दो ईसाई ननों पर हमले के सिलसिले में प्राथमिकी दर्ज की जाए. इन दो ईसाई ननों को मानव तस्करी और धर्मांतरण के आरोप में पहले गिरफ्तार किया गया था और बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया था.

एक बयान में, भाकपा ने कहा कि वह ‘छत्तीसगढ़ में अल्पसंख्यकों और आदिवासियों पर जारी सांप्रदायिक हमलों एवं संवैधानिक अधिकारों को बनाये रखने में राज्य की भाजपा सरकार की पूर्ण विफलता की कड़ी निंदा करती है.” भाकपा ने कहा, ”दुर्ग रेलवे स्टेशन पर केरल की इन दो ननों और नारायणपुर की तीन युवा आदिवासी लड़कियों पर शर्मनाक हमले के तीन सप्ताह से अधिक समय बाद भी विहिप और बजरंग दल के हमलावरों के खिलाफ एक भी प्राथमिकी दर्ज नहीं की गयी है.” पार्टी ने आरोप लगाया कि पीड़ितों को उत्पीड़न, अपमान और धौंसपट्टी का सामना करना पड़ रहा है. उसने यह भी आरोप लगाया कि इससे प्रशासन के गहरे सांप्रदायिक पूर्वाग्रह और संघ परिवार के संगठनों के साथ उसकी मिलीभगत उजागर होती है.

बयान में कहा गया है, ” भाकपा का स्पष्ट मत है कि यह संघर्ष किसी एक घटना को लेकर नहीं है बल्कि यह सभी आदिवासियों की गरिमा तथा स्वतंत्रता एवं न्याय के लिए है.” भाकपा ने घोषणा की है कि वह बृहस्पतिवार को नारायणपुर जिला मुख्यालय पर विशाल धरना और घेराव करेगी.

पार्टी ने कहा, ”छत्तीसगढ़ के राज्यपाल को एक ज्ञापन भी सौंपा जाएगा, जिसमें दोषियों के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी दर्ज करने, तीनों लड़कियों को सुरक्षा और न्याय दिलाने तथा आदिवासियों एवं अल्पसंख्यकों पर सांप्रदायिक हमलों को रोकने की मांग की जाएगी.” केरल की कैथोलिक नन प्रीति मेरी और वंदना फ्रांसिस को, सुकमन मंडावी के साथ, 25 जुलाई को दुर्ग रेलवे स्टेशन पर गिरफ्तार किया गया था.

बजरंग दल के एक स्थानीय पदाधिकारी ने शिकायत दर्ज कर उन पर नारायणपुर की तीन लड़कियों का जबरन धर्म परिवर्तन कराने और उनकी तस्करी करने का आरोप लगाया था. उन्हें गिरफ्तार किया गया और बाद में दो अगस्त को छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले की एक विशेष अदालत ने जमानत पर रिहा कर दिया.

राष्ट्रवाणी एक डिजिटल समाचार एवं जनचर्चा मंच है, जिसका उद्देश्य विश्वसनीय पत्रकारिता, सार्थक राष्ट्रीय विमर्श और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रभावशाली तरीके से समाज के सामने प्रस्तुत करना है।

हम मानते हैं कि पत्रकारिता केवल समाचार देने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करने, लोकतांत्रिक संवाद को मजबूत बनाने और राष्ट्र निर्माण की दिशा में सकारात्मक सोच विकसित करने का दायित्व भी है। “राष्ट्र प्रथम” की भावना के साथ राष्ट्रवाणी देश, समाज, शासन, अर्थव्यवस्था, कृषि, तकनीक, संस्कृति और जनसरोकारों से जुड़े विषयों को गहराई और तथ्यात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत करता है।

संपादक : नीरज दीवान

मोबाइल नंबर : 7024799009

© 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.
Exit mobile version