इस्लामाबाद. पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने सोमवार को कहा कि भारत के साथ हाल में हुए सैन्य संघर्ष के दौरान इस्लामाबाद को बाहरी समर्थन मिलने का दावा ‘तथ्यात्मक रूप से गलत’ है. इस्लामाबाद स्थित राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय में स्नातक अधिकारियों को संबोधित करते हुए मुनीर ने भारत पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि पाकिस्तान की संप्रभुता को कमजोर करने के किसी भी दुस्साहस या प्रयास का बिना किसी संकोच के त्वरित और दृढ. प्रतिक्रिया के साथ जवाब दिया जाएगा.

पाकिस्तानी सेना के प्रमुख ने कहा, ”पाकिस्तान के सफल ऑपरेशन बन्यनम मार्सूस में बाहरी समर्थन के बारे में लगाए गए आरोप गैर-जिम्मेदाराना और तथ्यात्मक रूप से गलत हैं तथा दशकों के रणनीतिक विवेक से विकसित स्वदेशी क्षमता और संस्थागत लचीलेपन को स्वीकार करने में उसकी पुरानी अनिच्छा को दर्शाते हैं. ” उन्होंने कहा, ” विशुद्ध रूप से द्विपक्षीय सैन्य संघर्ष में अन्य देशों को भागीदार बताना भी खेमेबाजी की राजनीति करने का एक घटिया प्रयास है…. ”

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले भारतीय सेना के उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल राहुल आर सिंह ने कहा था कि बीजिंग ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को सक्रिय सैन्य सहायता प्रदान की और संघर्ष को विभिन्न हथियार प्रणालियों के परीक्षण के लिए एक प्रयोगशाला के रूप में इस्तेमाल किया.

मुनीर ने दावा किया कि भारत के ‘संकीर्ण आत्म-संरेखण’ पर आधारित रणनीतिक व्यवहार के विपरीत, पाकिस्तान ने सैद्धांतिक कूटनीति के आधार पर स्थायी साझेदारी स्थापित की है, जो पारस्परिक सम्मान और शांति पर आधारित है तथा उसने क्षेत्र में स्थिरता लाने वाले के रूप में खुद को स्थापित किया है.

मुनीर ने कहा, ” हमारे रिहायशी इलाकों, सैन्य ठिकानों, आर्थिक केंद्रों और बंदरगाहों को निशाना बनाने की किसी भी कोशिश का तुरंत ही कड़ा जवाब दिया जाएगा.” उन्होंने कहा कि युद्ध मीडिया की बयानबाजी, आयातित फैंसी हार्डवेयर या राजनीतिक नारेबाजी से नहीं जीते जाते, बल्कि विश्वास, पेशेवर क्षमता, परिचालन स्पष्टता, संस्थागत ताकत और राष्ट्रीय संकल्प के माध्यम से जीते जाते हैं.

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