नयी दिल्ली. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की पूर्व मुख्य अर्थशास्त्री गीता गोपीनाथ ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था चालू वित्त वर्ष में लगभग सात प्रतिशत की वृद्धि दर दर्ज कर सकती है. यह आंकड़ा अक्टूबर में आईएमएफ के अनुमान 6.6 प्रतिशत से थोड़ा अधिक है. टाइम्स नेटवर्क के ‘इंडिया इकोनॉमिक कॉन्क्लेव 2025’ में उन्होंने कहा कि आईएमएफ ने भारत के वृद्धि के अनुमान राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) द्वारा जुलाई-सितंबर तिमाही में 8.2 प्रतिशत वृद्धि दर घोषित होने से पहले लगाए थे.

गोपीनाथ ने कहा, ”आईएमएफ का अनुमान 6.6 प्रतिशत था, लेकिन दूसरी तिमाही की वास्तविक वृद्धि दर आठ प्रतिशत से अधिक है. ऐसे में मैं मानती हूं कि भारत की जीडीपी वृद्धि दर करीब सात प्रतिशत तक जाएगी.” इस महीने की शुरुआत में भारतीय रिजर्व बैंक ने भी अपने जीडीपी वृद्धि दर के पूर्वानुमान को 6.8 प्रतिशत से बढ़ाकर 7.3 प्रतिशत कर दिया था.

उन्होंने कहा कि अगर भारत 20 साल तक करीब आठ प्रतिशत की वृद्धि दर बनाए रख सकता है तो 2047 के लक्ष्यों के बहुत करीब पहुंच जाएगा. उन्होंने कहा कि ऐसा करने के लिए लगातार सुधारों की जरूरत है. गोपीनाथ ने कहा कि भारत इस समय अमेरिका-भारत व्यापार संकट से पहले की अपेक्षा बेहतर प्रदर्शन कर रहा है. भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता पर उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत का एक महत्वपूर्ण साझेदार है और दोनों देशों को सहयोग करके आपसी सहमति से समाधान निकालना चाहिए.

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