नयी दिल्ली. रक्षा क्षेत्र की प्रमुख कंपनी टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स ने भारत में लॉकहीड मार्टिन के सी-130 जे सुपर हरक्यूलिस सैन्य परिवहन विमान की मरम्मत, रखरखाव और र्सिवसिंग (एमआरओ) सुविधा का सोमवार को शिलान्यास किया. बेंगलुरु में इस सुविधा का शिलान्यास ऐसे समय में हुआ है, जब टाटा एडवांस्ड सिस्टम-लॉकहीड मार्टिन संयुक्त उद्यम भारतीय वायु सेना को लगभग 80 भारी मालवाहक विमानों की आपूर्ति से जुड़ा करार हासिल करने की दौड़ में सी-130जे सुपर हरक्यूलिस को सर्वश्रेष्ठ विमान के रूप में पेश कर रहा है.

भारतीय वायु सेना में इस समय 12 सी-130जे विमान सेवारत हैं. यह एक अग्रणी सामरिक सैन्य परिवहन विमान है, जिसका इस्तेमाल 23 देशों के 28 आॅपरेटर करते हैं. अब तक, 560 से अधिक सी-130जे विमानों की आपूर्ति और 20 से अधिक उड़ान योग्यता प्राधिकरणों द्वारा प्रमाणन किया जा चुका है. सुपर हरक्यूलिस का वैश्विक बेड़ा 30 लाख उड़ान घंटों को पार कर चुका है. एमआरओ केंद्र के शिलान्यास कार्यक्रम में भारतीय वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारी, सरकारी गणमान्य व्यक्ति, उद्योग जगत के दिग्गज और लॉकहीड मार्टिन तथा टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. अधिकारियों ने बताया कि एमआरओ का निर्माण 2026 के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है, और 2027 की शुरुआत में इसमें पहले सी-130 विमान की मरम्मत शुरू होगी.

लॉकहीड मार्टिन के मुख्य संचालन अधिकारी (सीओओ) फ्रैंक सेंट जॉन ने कहा, ‘‘आज का शिलान्यास कार्यक्रम दर्शाता है कि टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स और भारत के साथ हमारा सहयोग कितनी दूर तक पहुंच गया है और हम किस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम पिछले सात दशकों से भारत के एयरोस्पेस और रक्षा क्षेत्र के विकास के साथ जुड़े रहे हैं. यह नई सी-130 एमआरओ सुविधा इस आधार को और मजबूत करेगी.’’ जॉन ने कहा कि यह केंद्र भारत में विश्वस्तरीय रखरखाव क्षमता विकसित करेगा, भारतीय वायु सेना की तैयारियों में सुधार लाएगा और ऐसे अवसर पैदा करेगा, जो क्षेत्रीय और वैश्विक सी-130जे संचालकों के लिए मददगार होंगे.

उन्होंने कहा, ‘‘हम आने वाले दशकों में भारत के लिए और भारत के भीतर क्षमता निर्माण के वास्ते प्रतिबद्ध हैं.’’ इस अवसर पर टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) और प्रबंध निदेशक (एमडी) सुकरन सिंह ने कहा, ‘‘यह मील का पत्थर एक नये केंद्र की स्थापना से कहीं अधिक है – यह खुद के रक्षा भविष्य को आकार देने की दिशा में भारत के बढ़ते आत्मविश्वास और क्षमता को दर्शाता है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘एमआरओ हमारे एयरोस्पेस पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करता है, तथा नवाचार, कौशल विकास और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए आधार तैयार करता है.’’ अत्याधुनिक सी-130 एमआरओ केंद्र में सी-130 जे बेड़े के रखरखाव, मरम्मत, ओवरहाल और संरचनात्मक जांच और परीक्षण की सुविधा होगी.

अधिकारियों के मुताबिक, इससे संरचनात्मक मरम्मत और वैमानिकी उन्नयन में भी मदद मिलेगी, भारतीय इंजीनियरों और रख-रखाव करने वालों के लिए प्रशिक्षण में विस्तार होगा तथा सी-130 आपूर्ति श्रृंखला में भारतीय आपूर्तिकर्ताओं के लिए नए अवसर पैदा होंगे.

दोनों कंपनियों ने बताया कि भारत में सी-130 एम्पेनेज और अन्य विमानों की एसेम्बली में लॉकहीड मार्टिन की दीर्घकालिक साझेदार टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स, नई सुविधा के संचालन में केंद्रीय भूमिका निभाएगी. उन्होंने बताया कि पिछले सप्ताह टाटा लॉकहीड मार्टिन एयरोस्ट्रक्चर्स लिमिटेड (टीएलएमएएल) ने 250वें सी-130जे ‘टेल’ की आपूर्ति की, जो अमेरिका-भारत संबंधों और दशकों पुरानी निवेश प्रतिबद्धता में एक और मील का पत्थर साबित हुआ. रक्षा एमआरओ सुविधा लॉकहीड मार्टिन प्रमाणित सेवा केंद्रों के मौजूदा वैश्विक नेटवर्क में शामिल हो जाएगी और भविष्य में सी-130जे सुपर हरक्यूलिस, केसी-130जे और सी-130 बी-एच लीगेसी विमानों की सेवा के लिए रणनीतिक रूप से स्थित होगी.

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