नयी दिल्ली: भारतीय तीरंदाजी संघ (एएआई) ने शुक्रवार को एमिटी विश्वविद्यालय के साथ एक समझौता पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए जिसके तहत तीरंदाजों को प्रमाणपत्र कार्यक्रम और छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी, जिससे वे अपने खेल करियर से समझौता किए बिना उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।

इस समझौते के तहत एमिटी विश्वविद्यालय खिलाड़ियों के लिए उनकी चुनौतीपूर्ण दिनचर्या के अनुरूप स्रातक और स्रातकोत्तर कार्यक्रम तैयार करेगा। विश्वविद्यालय इसके अलावा खिलाड़ियों को छात्रवृत्ति भी प्रदान करेगा।
इस योजना के अनुसार अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी 100 प्रतिशत छात्रवृत्ति के पात्र होंगे, जिसमें पूरे पाठ्यक्रम की फीस का भुगतान शामिल होगा।

राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को 50 प्रतिशत छात्रवृत्ति मिलेगी, जबकि राज्य और जिला स्तर के तीरंदाजों को फीस में 30 प्रतिशत छूट मिलेगी। एएआई के अध्यक्ष अर्जुन मुंडा ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमारे तीरंदाज रिकर्व और कंपाउंड दोनों वर्ग में अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। खेल के साथ-साथ शिक्षा भी महत्वपूर्ण है। इस समझौते के बाद राज्य, जिला और राष्ट्रीय स्तर पर दूरदराज के क्षेत्रों के तीरंदाज भी आॅनलाइन शिक्षा प्राप्त कर पाएंगे।’’

राष्ट्रवाणी एक डिजिटल समाचार एवं जनचर्चा मंच है, जिसका उद्देश्य विश्वसनीय पत्रकारिता, सार्थक राष्ट्रीय विमर्श और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रभावशाली तरीके से समाज के सामने प्रस्तुत करना है।

हम मानते हैं कि पत्रकारिता केवल समाचार देने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करने, लोकतांत्रिक संवाद को मजबूत बनाने और राष्ट्र निर्माण की दिशा में सकारात्मक सोच विकसित करने का दायित्व भी है। “राष्ट्र प्रथम” की भावना के साथ राष्ट्रवाणी देश, समाज, शासन, अर्थव्यवस्था, कृषि, तकनीक, संस्कृति और जनसरोकारों से जुड़े विषयों को गहराई और तथ्यात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत करता है।

संपादक : नीरज दीवान

मोबाइल नंबर : 7024799009

© 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.
Exit mobile version