भिलाई। एआईसीसी के राष्ट्रीय सचिव व भिलाई नगर विधायक देवेन्द्र यादव ने बिजली बिल में बढ़ोत्तरी को लेकर प्रदेश सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि, छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव की सरकार का स्मार्ट मीटर,जनता की जेब से अप्रत्याशित टैक्स लेने का पर्याय बन चुकी है। सत्ता में आते ही साय के मंत्रियों ने बड़े जोर शोर के साथ दावा किया था कि, स्मार्ट मीटर से एक्यूरेट बिल आएगा और लोगों को सस्ती बिजली मिलेगी। इससे उपभोक्ताओं को कोई दिक्कत नहीं होगी। उपभोक्ता घर बैठे बिजली बिल का भुगतान आसानी कर पाएंगे, लेकिन लोगों को साय साय सरकार का स्मार्ट मीटर के नाम पर टैरिफ में बढ़ोत्तरी का यह निर्णय, बिल के रूप में ऐसा झटका देगी, किसी ने सोचा भी नहीं था। बिजली बिल को देखकर आज हर परिवार, हैरान व परेशान है।

विधायक यादव ने कहा कि, साय सरकार ने चुनाव से पहले लोगों सस्ती बिजली मुहैया कराने के बड़े-बड़े दावे किए थे और दावे के मुताबिक स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य शुरू हुआ और स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली की खपत कम होना चाहिए था; परंतु स्मार्ट मीटर लगने के बाद अधिकतर लोगों के घरों का बिजली बिल हजार रूपये से अधिक आया है। बिजली बिल में तीन से चार गुणा तक वृद्धि हुई है। जुलाई तक जिन घरों का बिजली बिल 200-250 तक आती थी, उन घरों का इस माह 600 रूपये से अधिक बिल आया है। है।इससे लोगों का बजट गड़बड़ा गया है। 200-300 की रोजी मजदूरी करने वाले मेहनतकश लोगों की पूरी कमाई का आधा से अधिक हिस्सा, बिजली बिल भरने में व्यय हो गया है।

विधायक ने कहा कि, जब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी, तब हाफ बिजली बिल योजना के तहत 400 यूनिट पर 50फीसदी तक छूट मिलती थी यानी उपभोक्ताओं को केवल 200 यूनिट का बिजली खपत का भुगतान करना पड़ता था। जिसे अब कटौती कर केवल 100यूनिट खपत पर ही छूट दी जा रही है।100 से एक यूनिट भी अधिक खपत हो गई, तो हाफ बिजली बिल योजना का लाभ नहीं मिलेगा। क्या यही साय सरकार का सुशासन है।



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