राष्ट्रवाणी (बिलासपुर ब्यूरो): प्रतिनिधि, बिलासपुर: राजस्व विभाग में जमीन के सीमांकन, पर्ची सुधार और पारिवारिक बंटवारे के नाम पर चल रहे अवैध लेन-देन का मामला सामने आया है। मस्तूरी तहसील अंतर्गत ग्राम लोहर्सी-सोन में पदस्थ रहे पटवारी का खुलेआम रुपये लेते और बातचीत करते हुए वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहा है।
वीडियो में पटवारी पर्ची सुधारने और बंटवारे की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के एवज में रकम की बात करते और 500-500 रुपये के नोटों की गड्डी हाथ में थामते नजर आ रहे हैं। प्रसारित वीडियो के दौरान पटवारी और जमीन से जुड़े पक्षकारों के बीच छत्तीसगढ़ी में लंबी चर्चा हो रही है। वीडियो में पटवारी यह कहते दिख रहे हैं कि पहले उनकी आइडी से काम हो जाता था, लेकिन अब व्यवस्था बदल गई है।
बातचीत के दौरान दूसरा व्यक्ति उन्हें 25 हजार रुपये होने की बात कहकर नोटों की गड्डी थमाता है। पटवारी पहले तो रकम कम होने और आगे के खर्च की बात करते हुए कहते हैं कि बंटवारे के लिए कम से कम 20 तो अलग से समझो। इसके बाद वे रुपये हाथ में पकड़कर गिनते हैं।
चर्चा है कि यह वीडियो करीब डेढ़ से दो साल पुराना है, जब संबंधित पटवारी लोहर्सी-सोन हलके में पदस्थ थे। वर्तमान में उनका स्थानांतरण पचपेड़ी हलके में हो चुका है, जिसके बाद अब यह वीडियो सार्वजनिक हुआ है। वीडियो में जमीन की पर्ची में नाम और संबंध सुधारने के साथ बंटवारे का पूरा ताना-बाना नजर आ रहा है।
जब पीड़ित पक्ष 25 हजार रुपये देता है, तो पटवारी कहते हैं कि इतने में नहीं हो पाएगा, आगे भी देखना पड़ता है। वे साफ तौर पर कहते सुनाई दे रहे हैं कि बंटवारे के लिए अलग से व्यवस्था करनी होगी, तब जाकर काम आगे बढ़ेगा। खुलेआम नोटों का लेन-देन करते वीडियो के सार्वजनिक होने के बाद क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों में भारी रोष है।
ग्रामीणों का कहना है कि जमीनी विवाद और नामांतरण के नाम पर खुलेआम अवैध वसूली की जा रही है। मामले में ग्रामीणों ने कलेक्टर से वायरल वीडियो की जांच कराकर संबंधित पटवारी के खिलाफ निलंबन और दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है।
