नयी दिल्ली. भारत ने ब्रिटेन द्वारा एक ब्रिटिश सिख व्यवसायी पर खालिस्तान समर्थक आतंकवादी गतिविधियों से कथित तौर पर संबंध रखने की वजह से प्रतिबंध लगाने का सोमवार को स्वागत किया. ब्रिटेन के वित्त विभाग ने बृहस्पतिवार को घोषणा की कि गुरप्रीत सिंह रेहल की संपत्ति जब्त की जा सकती है, क्योंकि उस पर भारत में आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्त संगठनों से जुड़े होने का संदेह है.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘‘हम ब्रिटिश सरकार द्वारा भारत विरोधी चरमपंथी संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाने के लिए उठाए गए कदमों का स्वागत करते हैं, जिससे आतंकवाद और उग्रवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई मजबूत होगी और अवैध वित्त पोषण तथा अंतरराष्ट्रीय अपराध नेटवर्क पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी.’’ वह अपनी साप्ताहिक प्रेस वार्ता में इस मुद्दे पर पूछे गए एक प्रश्न का उत्तर दे रहे थे.

जायसवाल ने कहा, ‘‘ऐसे व्यक्ति और समूह न केवल भारत और ब्रिटेन के लिए बल्कि पूरे विश्व के लोगों के लिए खतरा पैदा करते हैं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम आतंकवाद-रोधी और सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करने के लिए ब्रिटेन के साथ मिलकर काम करना जारी रखने के लिए तत्पर हैं.’’ भारत ब्रिटेन से आग्रह करता रहा है कि वह यूरोपीय देश में सक्रिय खालिस्तान समर्थक चरमपंथी तत्वों के खिलाफ कार्रवाई करे.

वित्त मंत्री लूसी रिग्बी ने कहा, “आतंकवादियों द्वारा ब्रिटेन की वित्तीय प्रणाली का दुरुपयोग करने पर हम चुप नहीं बैठेंगे.” उन्होंने कहा, “यह ऐतिहासिक कार्रवाई दर्शाती है कि हम आतंकवाद के वित्तपोषण को रोकने के लिए अपने पास मौजूद हर तरीके का इस्तेमाल करने के लिए तैयार हैं – चाहे वह कहीं भी हो और चाहे इसके लिए कोई भी जिम्मेदार हो.”

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