नयी दिल्ली. केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू यहां राष्ट्रीय संग्रहालय में रखे गए भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों के एक हिस्से को वापस लाने के लिए भूटान में हैं. बुद्ध के पवित्र अवशेष के हिस्से को भूटान में आम लोगों के दर्शन के लिए कुछ समय के लिए रखा गया था. अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि यह भारत और भूटान के बीच सांस्कृतिक संबंधों का प्रतीक है और यह थिम्पू में वैश्विक शांति प्रार्थना महोत्सव (जीपीपीएफ) का हिस्सा है, जो विश्व शांति और मानवता के कल्याण के लिए प्रार्थना करने वाला एक प्रमुख कार्यक्रम है.

संस्कृति मंत्रालय ने पहले कहा था कि यह कार्यक्रम ऐसे समय हुआ जब भूटान के चौथे राजा जिग्मे सिंग्ये वांगचुक का 70वां जन्मदिन भी मनाया जा रहा था. रीजीजू ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेष (नयी दिल्ली के राष्ट्रीय संग्रहालय में रखे) वापस लाने के लिए प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने के लिए भूटान रवाना हो रहा हूं, जिसे लोगों के दर्शन के लिए भूटान ले जाया गया था.” थिम्पू स्थित भारतीय दूतावास ने पहले कहा था भारत से लाये गए भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों का एक अंश शनिवार को थिम्पू के प्रमुख मठ ताशिछोद्जोंग में स्थापित किया गया, जिसे भूटान की सर्वोच्च आध्यात्मिक और राजनीतिक संस्थाओं का केंद्र माना जाता है.

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