राष्ट्रवाणी: लक्ष्मीकांत बंसोड़, बालोद। जिला कांग्रेस कमेटी के असंगठित समस्या निवारण प्रकोष्ठ ने उपाध्यक्ष, कोषाध्यक्ष, महासचिव, सचिव और कार्यकारिणी सदस्यों की सूची जारी की है। सूची जारी होने के बाद अब इसमें मृत व्यक्तियों के नाम शामिल होने का मामला सामने आया है।
इसे लेकर संगठन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। मामला बालोद जिले के ग्राम डोडीठेमा का बताया जा रहा है। जारी सूची में जवाहर निर्मलकर का नाम सचिव पद पर दर्ज है।
बताया जा रहा है कि जवाहर निर्मलकर की करीब 8 से 10 वर्ष पहले मृत्यु हो चुकी है, इसके बावजूद उन्हें संगठन की सूची में सचिव का पद दिया गया है। सूची सामने आने के बाद राजनीतिक और संगठनात्मक गलियारों में इस मामले को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। सवाल उठ रहा है कि सूची तैयार करते समय नामों का सत्यापन किस स्तर पर किया गया और मृत व्यक्ति का नाम संगठन की पदाधिकारियों की सूची में कैसे शामिल हो गया।
पूरे मामले को लेकर असंगठित समस्या निवारण प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष जीवराखन साहू ने बताया कि सूची उसी क्षेत्र के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं से पूछकर तैयार की गई है। वरिष्ठ कार्यकर्ताओं से चर्चा के आधार पर ही पदाधिकारियों के नाम तय किए गए हैं। हालांकि मृत व्यक्ति का नाम सचिव पद पर शामिल होने के बाद अब सूची तैयार करने की प्रक्रिया और नामों के सत्यापन को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
