795 के बजाय 608 अभ्यर्थी ही इंटरव्यू के लिए चिन्हांकित
राष्ट्रवाणी, 04 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) ने राज्य सेवा मुख्य परीक्षा-2025 के परिणाम को लेकर अभ्यर्थियों के बीच सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक जानकारियों पर स्थिति स्पष्ट की है। आयोग ने कहा है कि मुख्य परीक्षा में निर्धारित संख्या से कम अभ्यर्थियों का साक्षात्कार के लिए चिन्हांकन किसी त्रुटि के कारण नहीं, बल्कि निर्धारित न्यूनतम अर्हकारी अंक प्राप्त नहीं कर पाने के कारण हुआ है।
आयोग के अनुसार राज्य सेवा परीक्षा-2025 के विज्ञापन की कंडिका 3 (iv) और छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग प्रक्रिया नियम की कंडिका 7 के तहत प्रत्येक प्रश्न-पत्र में अनारक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम 33 प्रतिशत तथा आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम 23 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य है। इसके चलते निर्धारित 795 अभ्यर्थियों के स्थान पर इस बार कुल 608 अभ्यर्थी ही साक्षात्कार के लिए चिन्हांकित किए गए हैं।
पुनर्मूल्यांकन और पुनर्गणना का प्रावधान नहीं
CGPSC ने स्पष्ट किया कि आयोग द्वारा आयोजित परीक्षाओं में पुनर्मूल्यांकन अथवा पुनर्गणना का कोई प्रावधान नहीं है। विज्ञापन की कंडिका 11 (V) के अनुसार किसी भी प्रश्न-पत्र का पुनर्मूल्यांकन या पुनर्गणना नहीं कराई जा सकती। ऐसे में कुछ प्रश्न-पत्रों के पुनर्मूल्यांकन की सोशल मीडिया पर की जा रही मांग नियमों के अनुरूप संभव नहीं है।
RTI के माध्यम से प्राप्त कर सकते हैं उत्तर पुस्तिका
आयोग ने बताया कि चयन परिणाम जारी होने के बाद प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा में अभ्यर्थियों के प्राप्तांकों की मेरिट सूची तथा मुख्य परीक्षा का कट-ऑफ आयोग की वेबसाइट पर जारी किया जाता है। अभ्यर्थी सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI) के तहत प्रारंभिक परीक्षा के OMR उत्तर पत्रक तथा मुख्य परीक्षा की प्रश्न-सह-उत्तर पुस्तिका की प्रति प्राप्त कर अपने परिणाम के संबंध में स्वयं संतुष्ट हो सकते हैं।
प्रश्नवार और पहचान रहित मूल्यांकन प्रक्रिया
आयोग ने मूल्यांकन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर भी जोर दिया। आयोग के मुताबिक सभी लिखित परीक्षाओं का मूल्यांकन विषय विशेषज्ञों के माध्यम से गंभीरता और निष्पक्षता के साथ कराया जाता है। राज्य सेवा मुख्य परीक्षा में विशेष रूप से प्रश्नवार मूल्यांकन प्रणाली अपनाई जाती है और यह प्रक्रिया पूरी तरह पहचान रहित होती है।
इस प्रक्रिया में मूल्यांकनकर्ता के लिए यह जानना संभव नहीं होता कि संबंधित उत्तर पुस्तिका किस अभ्यर्थी की है। प्रत्येक अभ्यर्थी की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में बड़ी संख्या में विषय विशेषज्ञ मूल्यांकनकर्ता शामिल होते हैं। आयोग ने कहा कि निर्धारित प्रक्रिया नियमों और सुरक्षा व्यवस्था के माध्यम से मूल्यांकन की शुचिता, गोपनीयता और निष्पक्षता सुनिश्चित की जाती है।
भ्रामक जानकारी से प्रभावित न होने की अपील
CGPSC ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया अथवा अन्य माध्यमों से प्रसारित की जा रही भ्रामक जानकारियों से प्रभावित न हों। आयोग ने कहा कि राज्य सेवा मुख्य परीक्षा-2025 में साक्षात्कार के लिए अभ्यर्थियों का चिन्हांकन निर्धारित नियमों और निर्देशों के अनुरूप पूरी तरह सही प्रक्रिया से किया गया है।
आयोग ने यह स्पष्टीकरण अध्यक्ष के अनुमोदन के बाद जारी किया है।
