राष्ट्रवाणी: जगदलपुर/रायपुर, 27 सितंबर (भाषा) छत्तीसगढ़ में भारी बारिश के कारण नदियों में उफान आने के बाद पिछले दो दिनों में करीब 5,000 लोगों को बचाया गया है, जिनमें 16 लोगों को हवाई मार्ग से सुरक्षित निकाला गया। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। इस बीच, एक वीडियो सामने आया है, जिसमें लोग धमतरी की एक दुकान से बाढ़ के पानी में बहकर आई शराब की बोतलें बटोरते नजर आए।
अधिकारियों ने बताया कि सबसे अधिक प्रभावित बस्तर में राजमार्ग पर फंसे छह ट्रक चालकों और उनके सहायकों ने अपने वाहनों की छतों पर चढ़कर मदद मांगी, जिसके बाद उन्हें बचा लिया गया। उन्होंने बताया कि शनिवार को धमतरी जिले में अलग-अलग घटनाओं में बह जाने से दो लोगों के लापता होने की सूचना मिली, जबकि बिलासपुर जिले में उफनती अरपा नदी में नहाते समय 12 और 16 साल के दो लड़के बह गए।
इनमें से एक का शव बरामद कर लिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि बारिश थमने के बावजूद ऊपरी क्षेत्रों से लगातार पानी आने और बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ रहा है, जिससे खासकर बस्तर और आसपास के इलाकों में बाढ़ जैसे हालात और गंभीर हो गए हैं। जगदलपुर के एक अधिकारी ने बताया कि बस्तर जिले में पिछले 24 घंटे में 1,000 से अधिक लोगों को बचाकर राहत शिविरों में पहुंचाया गया है।
उन्होंने बताया कि रविवार सुबह हेलीकॉप्टर की मदद से डोंगाघाट क्षेत्र में फंसे 16 लोगों को सुरक्षित निकाला गया। अधिकारी ने बताया कि जिले के शहरी और ग्रामीण इलाकों में 43 राहत शिविर बनाए गए हैं, जहां 5,000 से अधिक प्रभावित लोगों को ठहराया गया है और उन्हें भोजन एवं अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
उन्होंने बताया कि शनिवार रात आठ बजे इंद्रावती नदी का जलस्तर 12.56 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 4.26 मीटर ऊपर है। जलस्तर बढ़ने के बाद निचले इलाकों और नदी किनारे बसे इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। क्षेत्र की टीम को चौबीसों घंटे संवेदनशील इलाकों पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारी ने बताया कि बस्तर के जिलाधिकारी आकाश छिकारा और पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा ने लगातार दूसरे दिन शनिवार को डोंगाघाट और असना समेत कई प्रभावित इलाकों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने पनारापारा में बनाए गए राहत शिविर की व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया। एक अन्य बचाव अभियान में जिले के सोनारपाल के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर बाढ़ के पानी में फंसे करीब आधा दर्जन ट्रक चालकों और उनके सहायकों को शनिवार को राहत दलों ने बचाया।
अधिकारी ने बताया कि जगदलपुर-रायपुर मार्ग पर कई फुट पानी भर जाने से पांच ट्रक फंस गए थे। उन्होंने बताया कि ट्रक चालकों और सहायकों ने वाहनों की छतों पर शरण ली और वीडियो के माध्यम से प्रशासन से मदद मांगी थी। महानदी का जलस्तर बढ़ने से धमतरी में एक शराब दुकान पानी में डूब गई और वहां रखी बोतलें बह गईं।
वीडियो में कुछ लोग साड़ी और बांस से बंधे जाल की मदद से बहती हुई बोतलों को निकालने का प्रयास करते दिख रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि जिले के सिरसिदा गांव निवासी सेवानिवृत्त वन विभाग कर्मचारी बाबूलाल साहू (65) लापता हैं। उन्होंने बताया कि नदी किनारे उनका मोबाइल फोन, शॉल, छड़ी और तौलिया मिला है, जिससे आशंका है कि वह पानी में बह गए होंगे।
उन्होंने बताया कि एक अन्य घटना में मगरलोड थाना क्षेत्र के मेघा गांव में पेट्रोल पंप के पास एक नाले में 15-वर्षीय लड़की तराना निषाद बह गई। पुलिस और एसडीआरएफ की टीम दोनों जगहों पर तलाशी अभियान चला रही हैं। बिलासपुर में शनिवार को दयालबंद क्षेत्र के मधुबन घाट पर अरपा नदी में नहाते समय 12 और 16 साल के दो लड़के बह गए।
अधिकारियों ने बताया कि शनिवार देर रात इनमें से एक का शव बरामद कर लिया गया, जबकि दूसरे की तलाश जारी है।

