राष्ट्रवाणी: Chhattisgarh Open Jail | Photo Credit: एआई दुर्ग: Chhattisgarh Open Jail छत्तीसगढ़ में अब खुले जेल का प्रावधान किया गया है,प्रदेश में इसकी शुरुवात दुर्ग केंद्रीय जेल (Durg Central Jail) से की गई है,अब जेल के बंदी ना केवल जेल परिसर के भीतर बल्कि वे परिसर के बाहर खुले वातावरण में भी जाकर विभिन्न रोजगार कर सकेंगे।
(Durg Jail Open Prison) अपराध से दूर कर उन्हें सामाजिक होने का ये सुनहरा अवसर मिल रहा है। 21 सितंबर को इसके लिए विधिवत शासन ने अधिसूचना जारी कर दी है। जिसका शुभारम्भ 22 सितंबर को जेल DG हिमांशु गुप्ता ने दुर्ग पहुंचकर किया।
Chhattisgarh Open Jail इस खुले जेल में रहने के लिए नियम भी बनाए गए है। अधिकतम 50 बंदी जेल से बाहर जा पाएंगे। जिनकी सजा 10 वर्ष से अधिक है।
30 वर्ष से 60 वर्ष तक के बंदी जो कार्य करने में सक्षम है, वे ही इसका लाभ ले सकेंगे। साथ ही महिलाओं और आबकारी एक्ट से जुड़े बंदी को पृथक रखा गया है, तो वही जिनका आचरण जेल में रहते हुए अच्छा था जो कम से कम दो बार पैरोल पर जाकर वापस आया हो इनकी सूची तैयार की गई है। फिलहाल ट्रायल तौर पर चिह्नित बंदियों को जेल परिसर के भीतर के कार्य ही दिए जायेंगे।
जैसे आस्था नाश्ता केंटीन, गौशाला आदि में कार्य लिए जायेंगे। उसके पश्चात इन्हें खुले वातावरण में भेजा जायेगा। जेल से बाहर निकलने और वापस आने का समय भी सुनिश्चित किया गया है।
शाम 6 बजे से पहले इन्हें वापसी करना अनिवार्य है। बता दे दुर्ग केंद्रीय जेल में कुल 2439 बंदी है जबकि जेल की क्षमता महज 22 सौ बंदी की है। इनमें से 11 सौ से अधिक बंदी सजायाप्ता है तो कई नक्सली भी जेल में निरुद्ध है,अब देखना होगा शासन की इस पहल का कितना सार्थक असर बंदियों पर होता है अगर यह माडल कारगर रहा तो इसे छत्तीसगढ़ के अन्य जेलों में भी क्रियान्वित किया जाएगा उत्तर: जिनकी सजा 10 वर्ष से अधिक है, उम्र 30-60 वर्ष है और आचरण अच्छा रहा है।

