राष्ट्रवाणी: Chhattisgarh Youth Congress Election 2026: छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस चुनाव में फर्जी ID से वोटिंग! भूपेश बघेल गुट के प्रत्याशियों पर लगे आरोप…यहां With Iyc ऐप हैक! अध्यक्ष उम्मीदवार को पड़े फर्जी वोट… /image: IBC24 File दुर्ग/भिलाई।
Chhattisgarh Youth Congress Election 2026: छत्तीसगढ़ में युवा कांग्रेस चुनाव में पहले दो गुटों में मारपीट और दादागिरी के बाद अब वोट चोरी का मामला सामने आया है। कल यूथ कांग्रेस के संगठन चुनाव के आखिरी दिन फर्जी वोटर आई़डी के जरिए शासकीय आईटीआई खुर्सीपार और कॉल सेंटर के युवाओं से ऑनलाइन वोटिंग कराने की बात सामने आते ही यह मामला अब पुलिस के पास पहुंच चुका है।
दरअसल भिलाई में युवक कांग्रेस अध्यक्ष के पद पर पूर्व सीएम भूपेश बघेल की समर्थक सुभद्रा सिंह का बेटा रॉबिन सिंह और विधायक देवेन्द्र यादव के करीबी अर्जुन शर्मा चुनाव मैदान में है। पहले भी दोनों गुट आमने-सामने हो चुके हैं। कल दोपहर भिलाई के खुर्सीपार स्थित सरकारी आईटीआई में जिला यूथ कांग्रेस अध्यक्ष के प्रत्याशी रॉबिन सिंह के पिता अनिल सिंह स्वयं फर्जी वोटर आईडी लेकर वहां पहुंचे और छात्रों से क्लास के अंदर वोटिंग कराने लगे।
इसी दौरान प्रतिद्वंदी प्रत्याशी अर्जुन शर्मा और उसके साथी वहां पहुंच गए और इसका वीडियो बना लिया। इधर कॉल सेंटर में भी अनिल सिंह ने वोटिंग कराई। अब फर्जी वोटिंग और वोट चोरी को लेकर अर्जुन शर्मा ने अपने वरिष्ठ नेताओं को जानकारी दी और फर्जी वोटर आईडी कार्ड लेकर चालू क्लास में वोटिंग कराने की शिकायत लेकर खुर्सीपार थाने भी पहुंचे।
अर्जुन ने सवाल उठाया कि आखिर अनिल सिंह के पास सौ से ज्यादा फर्जी आईडी कैसे आई? वही सरकारी संस्थान के अंदर जाकर चालू क्लास में वोटिंग कराने की अनुमति आखिर किसने दी। अर्जुन ने अपने आवेदन में उन शिक्षकों की भूमिका पर भी सवाल उठाया जो वीडियो में वोटिंग कराते नजर आ रहे हैं।
यही हाल कॉल सेंटर का था। जहां काम के बीच जाकर दूसरे लोगों की वोटर आईडी से फर्जी वोटिंग कराई जा रही थी। वीडियो जारी कर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि गया कि जब इन वोटों को ओटीपी के माध्यम से वेरिफाई किया गया, तो सभी सात वोट यूथ कांग्रेस के स्टेट प्रेसिडेंट पद के कैंडिडेट नंबर-4 शैलेन बंजारे के पक्ष में दर्ज दिखाई दिए।
इस मामले को लेकर चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए चुनाव आयोग से तकनीकी जांच की मांग की गई है, कि यह पता लगाया जाए कि वोटिंग ऐप में तकनीकी गड़बड़ी हुई है या किसी स्तर पर छेड़छाड़ की गई है। साथ ही संबंधित आईपी एड्रेस, नेटवर्क और तकनीकी गतिविधियों की जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग की गई है।
वीडियो में यह भी अपील की गई है कि जिन लोगों को वोटिंग प्रक्रिया में इस तरह की अनियमितता दिखाई दे रही है, वे स्क्रीनशॉट सुरक्षित रखें और चुनाव आयोग के समक्ष शिकायत दर्ज कराएं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। ऐप में वोट जुड़ने के पीछे तकनीकी खराबी, डेटा संबंधी समस्या या किसी अन्य कारण की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

