रायपुर. उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने आज नई दिल्ली में राज्य के सात नगरीय निकायों के महापौरों, अध्यक्षों और अधिकारियों के साथ स्वच्छता पुरस्कार ग्रहण के बाद कहा कि छत्तीसगढ़ के इतने सारे नगरीय निकायों को पहली बार एक साथ राष्ट्रीय पुरस्कार मिले हैं. ये विष्णु के सुशासन तथा नगरीय प्रशासन विभाग की प्रतिबद्धता, सभी स्वच्छता मित्रों और शहरवासियों के सहयोग से संभव हुआ है. सुशासन सरकार ने बीते वर्ष निकायों के विकास और स्वच्छता के लिए 7400 करोड़ रुपए जारी किए थे, जिसका यह सुखद परिणाम मिला है.
उप मुख्यमंत्री साव ने राज्य के नगरीय निकायों की ओर से पुरस्कार प्राप्त करने के बाद कहा कि छत्तीसगढ़ ने “स्वच्छता परमो धर्म:” के ध्येय वाक्य को चरितार्थ किया है. प्रदेश की जनता ने स्वच्छता को संस्कृति का हिस्सा बनाया है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ के निकायों को जो सम्मान मिल रहा है, वह आदरणीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन, विष्णु के सुशासन, प्रदेशवासियों के सहयोग और अधिकारियों-कर्मचारियों के समर्पण तथा परिश्रम का परिणाम है.
साव ने कहा कि नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग का जिम्मा मिलने के बाद नगरीय निकायों के अधिकारियों को फील्ड में नियमित निरीक्षण के लिए निर्देशित किया था. इससे शहरों में साफ-सफाई की व्यवस्था में सकारात्मक परिवर्तन आया. ऐसे स्थानों जहां अधिक मात्रा में कचरा फेंका जाता है, उन्हें स्वच्छता लक्षित इकाई के रूप में चिन्हांकित कर स्वच्छ करने पर जोर दिया गया. राजधानी रायपुर में दो दिनों तक आयोजित नगर सुराज संगम में सभी नगरीय निकायों के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को देश-विदेश में बेहतर स्वच्छता के लिए अपनाई गई बेस्ट प्रेक्टिसेस और नवाचारों से अवगत कराया गया. साथ ही उन्हें देश के स्वच्छतम शहरों का भ्रमण एवं अध्ययन कर उत्कृष्ट प्रथाओं को अपने-अपने निकायों में अपनाने के लिए प्रेरित किया. अध्ययन भ्रमण के बाद कार्यशाला आयोजित कर क्रियान्वित नवाचारों के संबंध में मंथन कर अनुभव साझा किया. साव ने कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ में स्वच्छता के क्षेत्र में और भी अच्छे परिणाम देखने को मिलेंगे.
छग ने राष्ट्रीय मंच पर बिखेरी स्वच्छता की चमक, 20 हजार से कम आबादी वाले शहरों में बिल्हा देश का सबसे स्वच्छ शहर
केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय के स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में छत्तीसगढ़ के सात शहरों ने अपनी स्वच्छता की चमक बिखेरी है. बिल्हा नगर पंचायत 20 हजार से कम आबादी वाले शहरों में अब देश का सबसे साफ-सुथरा शहर बन गया है. स्वच्छ सर्वेक्षण में 20 हजार से कम आबादी वाले शहरों की श्रेणी में बिल्हा ने देशभर में प्रथम स्थान हासिल किया है. तीन लाख से दस लाख जनसंख्या वाले शहरों में बिलासपुर को पूरे देश में दूसरा और 20 हजार से 50 हजार आबादी वाले शहरों में कुम्हारी को तीसरा स्थान मिला है.
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित भव्य समारोह में इन तीनों नगरीय निकायों के साथ ही स्वच्छ सर्वेक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले राज्य के कुल सात नगरीय निकायों को पुरस्कृत किया. उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव, संबंधित निकायों के महापौर, अध्यक्षों और अधिकारियों ने ये पुरस्कार ग्रहण किए. केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल और केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू भी पुरस्कार समारोह में शामिल हुए.
भारत सरकार के स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में अंबिकापुर, पाटन, विश्रामपुर और रायपुर ने भी राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया है. स्वच्छ सर्वेक्षण में पहली बार शामिल नई श्रेणी ‘स्वच्छता सुपर लीग’ (एसएसएल) में अंबिकापुर, पाटन और विश्रामपुर ने जगह बनाई है. यह सम्मान उन शहरों को दिया गया, जो पिछले तीन वर्षों में कम से कम एक बार शीर्ष तीन में रहे हैं और वर्तमान वर्ष में शीर्ष 20 शहरों में शामिल हैं. अंबिकापुर ने 50 हजार से तीन लाख जनसंख्या श्रेणी में तथा पाटन और विश्रामपुर ने 20 हजार से कम आबादी वाले शहरों की श्रेणी में एसएसएल में अपना स्थान सुनिश्चित किया है. इनके अतिरिक्त, राजधानी रायपुर को छत्तीसगढ़ का ‘प्रॉमिसिंग (Promising) स्वच्छ शहर’ का पुरस्कार मिला है.
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी विजेता नगरीय निकायों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि राज्य के लिए गर्व का क्षण है. उन्होंने इन शहरों में स्वच्छता के प्रति नागरिकों, स्थानीय निकायों और प्रशासन के सामूहिक प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ये पुरस्कार राज्य के अन्य शहरों को भी अपने शहर को सुंदर और स्वच्छ बनाने के लिए प्रेरित करेंगे.
उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने भी आज पुरस्कृत नगरीय निकायों को बधाई दी और कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए केवल एक सम्मान ही नहीं, बल्कि स्वच्छता के प्रति निरंतर प्रयासों का प्रमाण है. आने वाले समय में अन्य नगरीय निकायों को भी स्वच्छता के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त होंगे. शहरी सरकारों से लेकर राज्य और केंद्र की सरकार शहरों को स्वच्छ, सुंदर और सुविधापूर्ण बनाने के लिए कई नवाचारों के साथ सतत काम कर रहे हैं.
