रायपुर. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंगलवार को राज्य के वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा स्थिति और विकास कार्यों की समीक्षा के लिए एकीकृत कमान की बैठक की अध्यक्षता की. मुख्यमंत्री साय ने बताया कि बैठक के दौरान राज्य में जारी नक्सल रोधी अभियानों और प्रभावित क्षेत्रों में विकास को सुगम बनाने के प्रयासों पर विस्तृत चर्चा हुई.

एक सरकारी बयान में कहा गया है कि राज्य के उपमुख्यमंत्री एवं राज्य का गृह विभाग संभालने वाले विजय शर्मा, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अरुण देव गौतम, अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) मनोज कुमार पिंगुआ, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), भारतीय वायुसेना और राज्य पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी नवा रायपुर अटल नगर स्थित र्सिकट हाउस में हुई बैठक में मौजूद रहे.

बैठक की अध्यक्षता करने के बाद संवाददाताओं से बात करते हुए साय ने बताया, “एकीकृत कमान की नियमित बैठक हुई. हमने दो बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की. हमारे सुरक्षा बल नक्सलवाद के खिलाफ मजबूती से लड़ रहे हैं और पिछले 20 महीनों में शीर्ष नक्सलियों को ढेर करते हुए अभूतपूर्व सफलता हासिल की है. हम जवानों के प्रति आभार व्यक्त करते हैं.” मुख्यमंत्री ने कहा, ह्लएक और बात जिस पर चर्चा हुई, वह यह थी कि नक्सलवाद को खत्म करने के साथ-साथ हमें स्थानीय लोगों का विश्वास भी जीतना होगा, जिसके लिए हमें वहां विकास को बढ़ावा देना होगा. हमने नियद नेल्लनार (आपका अच्छा गांव) योजना शुरू की है, जिसके माध्यम से दूरदराज के गांवों में सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है. इसलिए इन दो बिंदुओं पर चर्चा हुई.”

उन्होंने कहा, “मुझे पूरा विश्वास है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का 31 मार्च, 2026 तक पूरे देश से नक्सलवाद को खत्म करने का संकल्प पूरा होगा.” पुलिस के अनुसार, दिसंबर 2023 से अब तक सुरक्षा बलों की आक्रामक रणनीति के परिणामस्वरूप 454 माओवादियों को मार गिराया गया है, 1600 से अधिक को गिरफ्तार किया गया है और लगभग 1700 ने आत्मसमर्पण किया है. इसके अलावा, इस अवधि के दौरान 65 नए सुरक्षा शिविर स्थापित किए गए हैं.

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि एकीकृत कमान बैठक के दौरान अंतर-राज्यीय समन्वय, नयी तकनीक के उपयोग, आत्मसमर्पण प्रक्रिया और अन्य मुद्दों पर चर्चा की गई. उन्होंने कहा कि इसके अलावा, रेलवे लाइन और सड़कों के विस्तार और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में नए स्कूल स्थापित करने सहित विकास कार्यों पर भी चर्चा हुई.

शर्मा ने कहा, “मैं स्पष्ट करना चाहता हूँ कि हमने कहा है कि अगले साल मार्च तक हम सशस्त्र नक्सलवाद को खत्म कर देंगे. नक्सलवाद की अलग-अलग इकाइयाँ हैं. मार्च तक इसके सशस्त्र कैडर का सफाया कर दिया जाएगा. इसके बाद, विकास और कट्टरपंथी बन चुके लोगों को मुख्यधारा में वापस लाना, ये सभी प्रक्रियाएँ जारी रहेंगी.” एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, “हम कमियों को दूर करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि सुरक्षा में कोई कमी न रहे.” उन्होंने कहा, “वे (नक्सली) सिर्फ अपना अस्तित्व दिखाने के लिए नागरिकों की हत्या करते रहे हैं. लेकिन उन्हें याद रखना चाहिए कि जिन्होंने यह (नागरिक की हत्या) किया है, उनके पुनर्वास का रास्ता बंद कर दिया जाएगा और उनके ख.लिाफ. कड़ी कार्रवाई की जाएगी.”

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