राष्ट्रवाणी: प्रतिनिधि, अंबिकापुर। प्रदेश सरकार द्वारा अमानकीकृत डेयरी एनालॉग (एनालॉग पनीर) पर लगाए गए प्रतिबंध के बाद सरगुजा जिले में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने सख्त अभियान शुरू कर दिया है। रविवार सुबह प्रतीक्षा बस स्टैंड में चलाए गए विशेष जांच अभियान के दौरान राजहंस ट्रैवल्स की एक बस से प्रतिबंधित श्रेणी का करीब डेढ़ क्विंटल पनीर जब्त किया गया। मामले में अवैध परिवहन का प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। विभाग ने कहा है कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा और जिले की सीमाओं पर भी निगरानी बढ़ाई जाएगी। खाद्य एवं औषधि प्रशासन की प्रवर्तन टीम रविवार सुबह करीब पांच बजे नए बस स्टैंड पहुंची और बसों व अन्य वाहनों की सघन जांच शुरू की। जांच के दौरान रायपुर से अंबिकापुर पहुंची राजहंस ट्रैवल्स की बस से प्रतिबंधित एनालॉग पनीर का परिवहन करते हुए पाया गया। टीम ने तत्काल पनीर जब्त कर संबंधित परिवहनकर्ता के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया। खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने बताया कि आने वाले दिनों में नए बस स्टैंड के अलावा जिले की सीमाओं पर बस, जीप, मालवाहक वाहनों तथा अन्य परिवहन साधनों की नियमित जांच की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर सीमावर्ती क्षेत्रों में आकस्मिक जांच अभियान भी चलाए जाएंगे, ताकि प्रतिबंधित खाद्य पदार्थों की जिले में आपूर्ति रोकी जा सके। कार्रवाई में खाद्य सुरक्षा अधिकारी लक्ष्मीकांत यादव, तुलेश्वर सिंह तथा पुलिस विभाग से राजेंद्र बाखला शामिल रहे। विभाग ने नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कहीं प्रतिबंधित या संदिग्ध एनालॉग पनीर के निर्माण, भंडारण, परिवहन अथवा बिक्री की जानकारी मिले तो तत्काल सूचना दें, ताकि लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। जिले के डेयरी एवं खाद्य कारोबारियों को विभाग ने नोटिस जारी कर एनालॉग पनीर एवं अन्य गैर-दुग्ध उत्पादों के निर्माण, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री पर लगे प्रतिबंध का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं। नोटिस में कहा गया है कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा को देखते हुए अब प्रतिष्ठानों का नियमित निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान पनीर, दही सहित अन्य दुग्ध उत्पादों के क्रय स्रोत से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराने पर खाद्य पदार्थ जब्त किए जाएंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विक्रेता की होगी। खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने सभी कारोबारियों को केवल वैध स्रोतों से प्राप्त दुग्ध उत्पादों का ही विक्रय करने और प्रतिबंधित उत्पादों से दूर रहने की चेतावनी दी है। प्रतिबंधित एनालॉग पनीर के विरुद्ध शुरू किए गए विशेष अभियान के तहत खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने सोमवार को शहर के सभी प्रमुख बस संचालकों एवं परिवहन एजेंसियों को नोटिस जारी कर स्पष्ट किया कि प्रतिबंधित एनालॉग पनीर अथवा अन्य प्रतिबंधित खाद्य पदार्थों का किसी भी स्थिति में परिवहन नहीं किया जाए। विभाग ने कहा कि किसी भी प्रकार की खाद्य सामग्री की बुकिंग या परिवहन करते समय भेजने वाले (प्रेषक) तथा प्राप्त करने वाले (प्राप्तकर्ता) का पूरा नाम, पता, मोबाइल नंबर एवं अन्य आवश्यक जानकारी अपने अभिलेखों में सुरक्षित रखें। ताकि जांच के दौरान विभाग को परिवहन से जुड़ी पूरी जानकारी तत्काल उपलब्ध कराई जा सके। अन्यथा संबंधित बस संचालक, परिवहन एजेंसी एवं अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। रविवार को एनालॉग पनीर के अवैध परिवहन के मामले में खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने राजहंस ट्रैवल्स के संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। विभाग के अनुसार छत्तीसगढ़ शासन द्वारा एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद संबंधित बस से रायपुर से अंबिकापुर तक पनीर का परिवहन किया गया। विभाग ने बस संचालक को तीन कार्य दिवस के भीतर कार्यालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने तथा पनीर भेजने और प्राप्त करने वाले व्यक्तियों की पूरी जानकारी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। समय पर जवाब नहीं देने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा 58 के तहत न्यायालय में प्रकरण दर्ज करने की कार्रवाई की जाएगी। डेयरी एनालॉग ऐसे खाद्य उत्पाद होते हैं जो दूध से बने उत्पादों जैसे दिखते और स्वाद देते हैं, लेकिन वे पूरी तरह या मुख्य रूप से दूध से नहीं बने होते। जैसे एनालॉग पनीर देखने में सामान्य पनीर जैसा लगता है, लेकिन इसमें दूध की जगह या उसके साथ वनस्पति तेल (पाम ऑयल आदि), स्टार्च, इमल्सीफायर, प्रोटीन पाउडर और अन्य खाद्य योजक मिलाए जाते हैं। यदि अमानक या घटिया गुणवत्ता का एनालॉग पनीर बनाया या बेचा जाए, तो इसके कई नुकसान हो सकते हैं।

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