राष्ट्रवाणी: रायपुर। कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड के सुदूर वनांचल बैगा बाहुल्य क्षेत्र तरेगांव जंगल में अब स्वास्थ्य सुविधाओं को नई मजबूती मिलने जा रही है। क्षेत्र के ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने आज 2 करोड़ 50 लाख रुपए की लागत से बनने वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवन निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवन का निर्माण पूर्ण होने से तरेगांव जंगल सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा। उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवन का निर्माण गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए, ताकि इसका लाभ लंबे समय तक क्षेत्र के लोगों को मिल सके।
उन्होंने निर्माण कार्य में गुणवत्ता और उपयोगिता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन का उद्देश्य केवल भवन बनाना नहीं, बल्कि लोगों को बेहतर और सुगम स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना है। उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि पहले क्षेत्र के लोगों को सोनोग्राफी करवाने के लिए कवर्धा जाना पड़ता था।
अब तरेगांव-रेंगाखार क्षेत्र में सोनोग्राफी की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवन का निर्माण पूर्ण होने से क्षेत्र के लोगों को उपचार और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा।
लेबर रूम और ऑपरेशन थिएटर सहित मिलेंगी जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं
नए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लेबर रूम, ऑपरेशन थिएटर की व्यवस्था प्रस्तावित है। इसके अलावा कैजुअल्टी एवं ओपीडी रूम भी बनाए जाएंगे। पुरुष और महिला मरीजों के लिए अलग-अलग वार्ड की सुविधा रहेगी।
इन व्यवस्थाओं से प्रसूति, सर्जरी, जांच एवं भर्ती से जुड़ी आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं एक ही स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध हो सकेंगी। तरेगांव जंगल सहित आसपास के गांवों के मरीजों को वर्तमान में गंभीर या विशेष उपचार की आवश्यकता पड़ने पर जिला अस्पताल कवर्धा जाना पड़ता है। नए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसूति, ऑपरेशन, जांच, ओपीडी और भर्ती जैसी सुविधाएं विकसित होने से स्थानीय स्तर पर इलाज का दायरा बढ़ेगा।
खासकर गर्भवती महिलाओं, दुर्घटना में घायल मरीजों और जांच के लिए आने वाले ग्रामीणों को इसका सीधा लाभ मिल सकेगा। अस्पताल शुरू होने के बाद स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों के लिए कवर्धा जाने की आवश्यकता कम होगी।

