नयी दिल्ली. मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने सोमवार को कहा कि सभी राज्यों में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया शुरू करने का कार्य प्रगति पर है और इसके क्रियान्वयन पर अंतिम निर्णय निर्वाचन आयोग द्वारा लिया जाएगा.

बिहार विधानसभा चुनावों की घोषणा के लिए आयोजित संवाददाता सम्मेलन में एक प्रश्न के उत्तर में, सीईसी ने कहा कि चुनाव आयोग ने 24 जून को बिहार में एसआईआर लागू करते समय अखिल भारतीय मतदाता सूची में संशोधन की अपनी योजना की घोषणा की थी. उन्होंने कहा कि यह कार्य जारी है और तीनों आयुक्त विभिन्न राज्यों में एसआईआर शुरू करने की तिथियों पर निर्णय लेने के लिए बैठक करेंगे.

आयोग ने अपने राज्य के चुनाव अधिकारियों को 30 सितंबर तक मतदाता सूची संशोधन अभियान के लिए तैयार रहने को कहा था.
अधिकारियों के अनुसार, आयोग के शीर्ष अधिकारियों ने इस महीने की शुरुआत में यहां एक सम्मेलन में राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारियों से अगले 10 से 15 दिनों में मतदाता सूची संशोधन के लिए तैयार रहने को कहा था, लेकिन अधिक स्पष्टता के लिए, मतदाता सूची के शुद्धिकरण के वास्ते तैयार रहने हेतु 30 सितंबर की समय सीमा निर्धारित की गई थी.

मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने राज्यों की मतदाता सूचियों को अंतिम एसआईआर के बाद प्रकाशित करें. कई मुख्य कार्यकारी अधिकारियों ने अपनी अंतिम एसआईआर के बाद प्रकाशित मतदाता सूची को अपनी वेबसाइटों पर पहले ही डाल दिया है.

दिल्ली के मुख्य कार्यकारी अधिकारी की वेबसाइट पर 2008 की मतदाता सूची है, जब राष्ट्रीय राजधानी में अंतिम बार गहन पुनरीक्षण हुआ था. उत्तराखंड में, अंतिम एसआईआर 2006 में हुआ था, और उस वर्ष की मतदाता सूची अब राज्य के मुख्य कार्यकारी अधिकारी की वेबसाइट पर है.

असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 में होने हैं. एसआईआर का मुख्य उद्देश्य विदेशी अवैध प्रवासियों के जन्मस्थान की जांच करके उन्हें बाहर निकालना है. यह कदम विशेष महत्व रखता है क्योंकि विभिन्न राज्यों में बांग्लादेश और म्यांमार समेत अन्य देशों से आए अवैध विदेशी प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई तेज की गई है.

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