राष्ट्रवाणी: प्रतिनिधि, धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर प्रशासन लगातार कार्रवाई कर रहा है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने शहर के विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, डेयरियों और कैफे में औचक निरीक्षण अभियान तेज कर दिया है।
इसी कड़ी में संयुक्त टीम ने शहर के प्रमुख प्रतिष्ठानों का जायजा लिया। इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से शहर के खाद्य कारोबारियों में हड़कंप मच गया है, क्योंकि अधिकारी बिना किसी पूर्व सूचना के सीधे रसोई और भंडारण कक्षों की पड़ताल कर रहे हैं। निरीक्षण के दौरान टीम जब श्री सखी कैफे की रसोई में पहुंची, तो वहां खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता के नियमों की धज्जियां उड़ती हुई मिलीं।
भोजन तैयार करने वाले क्षेत्र में भारी गंदगी और अस्वच्छता का माहौल देखकर अधिकारियों ने कड़ी नाराजगी जताई। खाद्य सुरक्षा एवं मानक विनियम अधिनियम के तहत तत्काल कार्रवाई करते हुए सखी कैफे का खाद्य लाइसेंस निलंबित कर दिया गया। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह निलंबन दो दिनों के लिए या फिर रसोईघर की पूरी तरह से सफाई और आवश्यक सुधार कार्य सुनिश्चित होने तक प्रभावी रहेगा।
इस सख्त कदम से यह संदेश दे दिया गया है कि ग्राहकों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले प्रतिष्ठानों को बख्शा नहीं जाएगा। कैफे के अलावा टीम ने श्री कृष्णा डेयरी और रुद्री रोड स्थित एक अन्य कैफे का भी निरीक्षण किया और वहां से पनीर के नमूने एकत्रित किए। इन सभी नमूनों को परीक्षण के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेज दिया गया है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कहीं प्रतिबंधित एनालॉग पनीर या मिलावटी उत्पादों का उपयोग तो नहीं हो रहा है।
हाल ही में राज्य शासन के राजपत्र में डेयरी एनालॉग और गैर-दुग्ध उत्पादों पर रोक को लेकर अधिसूचना जारी की गई है। विभाग ने सभी होटल, रेस्टोरेंट, डेयरी और ढाबा संचालकों को चेतावनी दी है कि वे नियमों का सख्ती से पालन करें। प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद यदि गड़बड़ी पाई जाती है, तो संबंधित कारोबारियों के खिलाफ और भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
