राष्ट्रवाणी: प्रतिनिधि, जशपुरनगरः जिले में मादक पदार्थों की अवैध बिक्री, परिवहन एवं तस्करी पर नकेल कसने के लिए अब पुलिस और जिला प्रशासन मिल कर जब्त किये गए वाहनों को राजसात करने की प्रक्रिया शुरू करेगी। इसके साथ ही तस्करों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए कैरियर (नशीले पदार्थो को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने वाला) के साथ सामग्री बेचने और खरीदने वाले आरोपित की भी गिरफ्तारी की जाएगी।
नशे के विरूद्व जारी अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए यह निर्णय जिला स्तरीय नारकोटिक्स कोऑर्डिनेशन सेंटर (एनकॉर्ड) की समीक्षा बैठक में लिया गया। बैठक में जिले में मादक पदार्थों के विरुद्ध की जा रही कार्रवाई, तस्करी के नेटवर्क पर नियंत्रण, विभागों के बीच समन्वय तथा जनजागरूकता गतिविधियों की प्रगति की समीक्षा की गई।
बैठक में पुलिस अधीक्षक डा लाल उमेद सिंह, अपर कलेक्टर प्रदीप कुमार साहू, सभी एसडीएम, एसडीओपी सहित पुलिस, स्वास्थ्य, आबकारी, शिक्षा, परिवहन, यातायात एवं समाज कल्याण विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर व्यास ने निर्देश दिए कि जिले में गठित एनकॉर्ड समिति की बैठक नियमित रूप से प्रत्येक माह आयोजित करने का बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया गया।
तस्करों के विरूद्व प्रभावी कार्रवाई के लिए कलेक्टर व्यास ने पुलिस महानिरीक्षक की अध्यक्षता में गठित ड्रग्स डिस्पोजल कमेटी द्वारा जब्त मादक पदार्थों के नियमानुसार निस्तारण की कार्रवाई समय-समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में मादक पदार्थों की तस्करी के लिए उपयोग किए जाने वाले वाहनों के संबंध में भी चर्चा की गई।
कलेक्टर ने ऐसे मामलों में नियमानुसार वाहनों के राजसात की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों के अवैध कारोबार से जुड़े प्रत्येक स्तर पर कार्रवाई करते हुए तस्करी के नेटवर्क को कमजोर करने के लिए प्रभावी कानूनी कदम उठाए जाएं। हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी आमजन तक पहुंचाने के निर्देश कलेक्टर श्री व्यास ने नशे से संबंधित सहायता एवं अवैध मादक पदार्थों की सूचना देने के लिए संचालित टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबरों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि नशा मुक्ति हेल्पलाइन नंबर 14446 तथा अवैध मादक पदार्थों की रिपोर्टिंग के लिए एंटी नारकोटिक्स हेल्पलाइन नंबर 1933 की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाई जाए। इसके लिए कॉलेजों, शैक्षणिक संस्थानों, हाट-बाजारों एवं सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में मादक पदार्थों से जुड़े मामलों की एंड टू एंड कार्रवाई किए जाने पर विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि कार्रवाई केवल मादक पदार्थों की जब्ती अथवा आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित न रहे, बल्कि इसके पीछे सक्रिय पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाई जाए। मादक पदार्थों के कारोबार में शामिल व्यक्तियों का पता लगाते हुए आवश्यकतानुसार वित्तीय जांच की जाए तथा प्रकरण के तथ्यों के आधार पर संबंधित एजेंसियों से समन्वय कर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बैठक में इंटरनेट आधारित माध्यमों से होने वाली मादक पदार्थों की सप्लाई पर भी चर्चा की गई। कलेक्टर ने डार्क वेब, क्रिप्टो करेंसी एवं अन्य डिजिटल माध्यमों के जरिए संचालित होने वाली अवैध गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए। नशा मुक्त भारत अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार कलेक्टर व्यास ने नशा मुक्त भारत अभियान को जिला स्तर पर और अधिक प्रभावी एवं व्यापक बनाने के निर्देश दिए।
उन्होंने शिक्षा संस्थानों, कॉलेजों, बाजारों, हाट-बाजारों तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों पर नियमित जागरूकता गतिविधियां संचालित करने को कहा। उन्होंने युवाओं एवं विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराने तथा नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करने पर विशेष जोर दिया। अवैध बिक्री एवं तस्करी पर सतत निगरानी कलेक्टर ने पुलिस, आबकारी, परिवहन, स्वास्थ्य एवं अन्य संबंधित विभागों को अपने-अपने स्तर पर सतत निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जिले में मादक पदार्थों की अवैध बिक्री, परिवहन अथवा तस्करी की सूचना प्राप्त होने पर तत्काल उसका परीक्षण कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही पूर्व में सामने आए प्रकरणों की भी समीक्षा करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि मादक पदार्थों की आपूर्ति से जुड़े व्यापक नेटवर्क तक कार्रवाई पहुंचे।
उन्होंने कहा कि नशे की रोकथाम के लिए कानून प्रवर्तन के साथ-साथ समाज की सहभागिता और निरंतर जनजागरूकता भी आवश्यक है। बीते साल पुलिस विभाग ने जिले में मादक पदार्थो की तस्करी व अवैध बिक्री के 266 प्रकरणों में लगभग पौने 4 करोड़ का 25638 लीटर शराब एवं तस्करी में प्रयुक्त 11 वाहन जब्त किया गया था।
इनमें पंजाब से बिहार तस्करी कर ले जा रहे चार ट्रकों से तीन करोड़ 51 लाख रुपए की 21027 लीटर का अग्रेजी शराब भी सम्मिलित है। एनडीपीएस एक्ट के 27 प्रकरणों 45 आरोपियों से लगभग दो करोड़ 21 लाख 49,946 का गांजा, कफ सिरप, डोडा चुरा, ब्राउन सुगर जब्त किया गया था।
