अगरतला. बांग्लादेश से 2,000 किलोग्राम हिल्सा मछली की पहली खेप बृहस्पतिवार को त्रिपुरा पहुंचीं जिससे बने स्वादिष्ट व्यंजनों को दुर्गा पूजा के दौरान बहुत पसंद किया जाता है. एक स्थानीय मछली निर्यातक ने यह जानकारी दी. जल्द ही और खेप आने की उम्मीद है, क्योंकि बांग्लादेश सरकार ने नौ अमेरिकी डॉलर (करीब 1,125 रुपये) प्रति किलोग्राम की निर्धारित कीमत पर 12 टन हिल्सा के निर्यात को मंजूरी दे दी है.

एक मछली आयातक तापस घोष ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ”2,000 किलोग्राम हिल्सा की पहली खेप बृहस्पतिवार को यहां अखौरा एकीकृत जांच चौकी (आईसीपी) पर लायी गयी. इस साल बांग्लादेश में मछली के कम उत्पादन के कारण इसकी कीमत अधिक रहेगी.” घोष के अनुसार, ”लगभग एक किलोग्राम वजन वाली हिल्सा मछली के थोक बाजार में 1,800 रुपये से 2,000 रुपये के बीच बिकने की उम्मीद है.” उन्होंने कहा कि पिछले साल राज्य ने पड़ोसी देश से 1,400 रुपये से 1,500 रुपये के थोक मूल्य पर 20 टन हिल्सा का आयात किया था.

अगरतला स्थित बट्टाला थोक मछली बाजार समिति के सचिव सुभाष दास ने स्थानीय बाजारों में हिल्सा की आवक की पुष्टि की, लेकिन इस साल इसकी कीमतें ब­ढ़ने की चेतावनी भी दी. उन्होंने कहा, ”कारण साफ है. बांग्लादेश में हिल्सा का उत्पादन कम है और अमेरिकी डॉलर में तेजी का रुख है.” उन्होंने आगे कहा कि पूर्वोत्तर राज्य में और खेप आने के साथ ही इसकी कीमतें धीरे-धीरे कम होंगी.

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