नयी दिल्ली. दुर्लभ पृथ्वी चुंबक के निर्यात पर चीन की पाबंदी के बाद घरेलू वाहन कंपनियों मारुति सुजुकी इंडिया और टीवीएस मोटर ने उत्पादन पर इसके असर को सीमित करने के लिए वैकल्पिक रणनीतियों पर काम शुरू कर दिया है. दुर्लभ पृथ्वी चुंबक का वाहनों एवं इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों के निर्माण में काफी इस्तेमाल होता है. इसकी उपलब्धता कम होने से इन क्षेत्रों के उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका है.

देश की सबसे बड़ी कार विनिर्माता मारुति सुजुकी इंडिया के वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी (कॉरपोरेट मामले) राहुल भारती ने बृहस्पतिवार को कहा कि यह एक चुनौतीपूर्ण स्थिति है लेकिन कंपनी के इंजीनियर समस्या से निपटने के लिए काम कर रहे हैं. भारती ने विश्लेषकों से कहा, “इस दिशा में प्रयास जारी है. लेकिन फिलहाल इसकी वजह से हमारे उत्पादन पर कोई असर नहीं पड़ा है.” इसके साथ ही भारती ने कहा कि कंपनी को आने वाले त्योहारी सत्र में स्थिति बेहतर होने की उम्मीद है.

दोपहिया वाहन कंपनी टीवीएस मोटर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) के एन राधाकृष्णन ने इसकी किल्लत को स्वीकार करते हुए कहा कि कंपनी वर्तमान में सीमित स्टॉक के साथ दैनिक उत्पादन को मुश्किल से संभाल पा रही है. राधाकृष्णन ने कहा कि कंपनी इस समस्या के दीर्घकालिक समाधान के लिए अन्य देशों से भी इस खनिज की आपूर्ति के विकल्प तलाश रही है. दुर्लभ पृथ्वी चुंबक पर लगभग एकाधिकार रखने वाले चीन ने इसके निर्यात पर बंदिशें लगाई हुई हैं. इससे इसकी आपूर्ति पर खासा असर पड़ा है.

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