नयी दिल्ली. दिल्ली की एक अदालत ने दुष्कर्म के एक मामले में टीवी अभिनेता आशीष कपूर को जमानत दे दी है. अदालत ने कहा कि कपूर को केवल इसलिए जेल में नहीं रखा जा सकता क्योंकि दिल्ली पुलिस को लगता है कि वह भविष्य में इसी तरह का अपराध कर सकते हैं. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश भूपिंदर सिंह ने अभिनेता की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की. कपूर के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में नौ अगस्त को हुई एक कथित घटना को लेकर दुष्कर्म, स्वेच्छा से चोट पहुंचाने और सामान्य इरादे के दंडात्मक प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी.

अदालत ने 10 सितंबर के अपने आदेश में कहा, ”यह (अभियोजन पक्ष का) मामला नहीं है कि अब जांच के लिए अभियुक्त या आवेदक की और आवश्यकता है. आरोपी को केवल इस आधार पर जेल में नहीं रखा जा सकता कि पुलिस को आशंका है कि वह भविष्य में भी ऐसा ही अपराध कर सकता है.” अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष ने इस बात पर जोर दिया है कि शिकायतकर्ता को आरोपी द्वारा धमकी दी जा सकती है या वह न्याय से भाग सकता है. लेकिन महिला की शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिसमें कहा गया था कि कथित घटना के मात्र 10 दिन बाद ही आरोपी की ओर से महिला से संपर्क किया गया था. अदालत ने कहा कि इस मामले में दो सह-आरोपियों को पहले ही जमानत दे दी गई है और यदि पुलिस को सचमुच चिंता होती कि शिकायतकर्ता को प्रभावित किया जा सकता है तो वह दो आरोपियों को मिली राहत को चुनौती देती.

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