राष्ट्रवाणी: राज्य ब्यूरो, , रायपुर: ईडी ने कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल से पूछताछ के लिए रिमांड पर लेने की अनुमति विशेष अदालत से मांगी है। जांच एजेंसी का आरोप है कि पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में शराब घोटाले, कोल लेवी और कस्टम मिलिंग के जरिए कथित तौर पर अवैध रूप से अर्जित करोड़ों रुपये को ठिकाने लगाने और अलग-अलग खातों व माध्यमों से प्रवाहित करने में अग्रवाल की अहम भूमिका थी।
जांच एजेंसी ने दावा किया है कि उसे नए तथ्य मिले हैं। इधर पिछले दिनों विशेष अदालत से जमानत अर्जी खारिज होने के बाद अग्रवाल ने राहत के लिए हाई कोर्ट में आवेदन किया है। ईडी ने अदालत में कहा है कि जांच, डिजिटल साक्ष्यों, पहले गिरफ्तार किए गए आरोपितों के बयानों और जब्त दस्तावेजों के आधार पर नए तथ्य सामने आए हैं।
हाल के वित्तीय लेन-देन के साक्ष्यों और मनी ट्रेल की कड़ियां जोड़ने के लिए अग्रवाल से हिरासत में विस्तार से पूछताछ जरूरी है। करीब तीन साल तक फरार रहने के बाद रामगोपाल अग्रवाल ने आठ जुलाई 2026 को ईओडब्ल्यू कार्यालय पहुंचकर आत्मसमर्पण किया था। इसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
11 अगस्त को ईडी ने भी उन्हें गिरफ्तार कर सात दिन तक पूछताछ की थी। जांच एजेंसियों का दावा है कि सिंडिकेट के जरिए कथित अवैध वसूली और फर्जी होलोग्राम के माध्यम से सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाया गया। अदालत की अनुमति के बाद रायपुर जेल में बंद अग्रवाल से गुरुवार से ईडी की दो सदस्यीय टीम पूछताछ कर रही है।
उनसे कोल लेवी और शराब घोटाले की जांच में सामने आए तथ्यों के बारे में जानकारी ली जा रही है। हाल ही में ईओडब्ल्यू ने कोल घोटाले में अदालत में छठा पूरक आरोपपत्र पेश किया था, जिसमें रामगोपाल को भी आरोपित बनाया गया है। अब हाई कोर्ट के रुख और रायपुर की विशेष अदालत से ईडी को रिमांड पर पूछताछ की अनुमति मिलने पर नजर है।
