ढाका. भारतीय तीरंदाज अंकिता भकत ने शुक्रवार को यहां एशियाई तीरंदाजी चैंपियनशिप में पेरिस ओलंपिक की रजत पदक विजेता दक्षिण कोरिया की नाम सुहयोन को हराकर उलटफेर करते हुए स्वर्ण पदक जीता जबकि धीरज बोम्मादेवरा ने भी पुरुष रिकर्व स्पर्धा का खिताब जीत लिया.
अंकिता ने पांच सेट के चुनौतीपूर्ण फाइनल में 7-3 से हराकर अपने करियर की सबसे बड़ी जीत दर्ज करते हुए महिला रिकर्व स्पर्धा जीती तो वहीं पुरुष वर्ग में धीरज ने हमवतन राहुल को फाइनल में 6-2 से हराकर पहला स्थान हासिल किया. भारतीय दल ने अपने अभियान का समापन 10 पदकों के साथ किया जिसमें छह स्वर्ण, तीन रजत और एक कांस्य पदक शामिल रहे. इससे भारत तालिका में शीर्ष पर रहा.
अंकिता ने इससे पहले सेमीफाइनल में सीनियर साथी और दुनिया की पूर्व नंबर एक तीरंदाज दीपिका कुमारी को हराया था. दोनों 5-5 से बराबरी पर थीं और शूट-ऑफ में भी दोनों तीरंदाजों ने नौ-नौ अंक बनाए. लेकिन अंकिता का तीर केंद्र के करीब था जिससे वह खिताबी मुकाबले में पहुंच गईं.
अंकिता ने फाइनल में पहला सेट 29-27 से अपने नाम कर लिया. दूसरा सेट 27-27 से बराबरी पर रहा. नाम तीसरा सेट 28-26 से जीतकर बराबरी पर आ गईं. लेकिन चौथे सेट में भारतीय तीरंदाज. ने शानदार वापसी की और 29-28 के शानदार प्रयास से 5-3 की बढ़त बना ली. इस भारतीय ने निर्णायक सेट में भी दमखम दिखाते हुए स्वर्ण पदक जीत लिया.
अंकिता ने इस तरह एशिया की लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाली तीरंदाजों में से एक के खिलाफ शानदार जीत हासिल की.
भारत ने संगीता की बदौलत महिला रिकर्व का कांस्य पदक भी हासिल किया जिसमें इस तीरंदाज ने हमवतन और अनुभवी पांच बार की ओलंपियन दीपिका कुमारी को शूट-ऑफ में 6-5 से शिकस्त दी.
पुरुषों के वर्ग में धीरज ने 33 वर्षीय अनुभवी जंग चैहवान को हराकर फाइनल में प्रवेश किया. फाइनल में धीरज ने पहला सेट एक अंक से गंवाने के बाद जबरदस्त वापसी की और दूसरा सेट जीतकर स्कोर 2-2 से बराबर कर दिया. उन्होंने तीसरा सेट 29-27 से जीतकर स्कोर 4-2 कर दिया. फिर 10 अंक की एक और हैट्रिक लगाकर स्वर्ण पदक पक्का किया.

