एशियन गेम्स में भारत का गोल्डन अभियान लगातार रफ्तार पकड़ रहा है। शुक्रवार को भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल की संख्या 15 तक पहुंचा दी। पुरुषों की 80 किलोग्राम मुक्केबाजी स्पर्धा में अंकुश पंघाल ने चैंपियन बनकर भारत के खाते में एक और स्वर्ण पदक जोड़ दिया।
अंकुश की इस कामयाबी से करीब एक मिनट पहले पहलवान सुजीत कलकल ने पुरुषों की 65 किलोग्राम कुश्ती स्पर्धा में सोना जीतकर भारतीय तिरंगे की शान बढ़ाई थी।
महिलाओं की मुक्केबाजी में परवीन हुड्डा ने 65 किलोग्राम वर्ग में गोल्ड अपने नाम किया। परवीन की यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि 2022 एशियन गेम्स में जीता उनका ब्रॉन्ज डोपिंग नियमों के उल्लंघन के कारण उनसे छीन लिया गया था। इस बार उन्होंने दमदार वापसी करते हुए सीधे स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया।
इससे पहले लवलीना बोरगोहेन ने अपने जन्मदिन के दिन 75 किलोग्राम वर्ग में गोल्ड जीतकर भारत को बड़ी खुशी दी थी। वहीं भारतीय महिला तीरंदाजी टीम ने रिकर्व स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर भारत की पदक तालिका को और मजबूत किया।
भारतीय मुक्केबाजी के लिए भी यह एशियन गेम्स ऐतिहासिक बनता दिख रहा है। यह पहला मौका है जब भारत की तीन महिला मुक्केबाजों ने एक ही एशियन गेम्स संस्करण में दो स्वर्ण पदक जीते हैं। इससे पहले मैरी कॉम ने 2014 एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीता था।
भारत के लगातार बढ़ते गोल्ड मेडल के साथ एशियन गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों का दमदार प्रदर्शन जारी है।
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