फीफा विश्व कप 2026 में ग्रुप चरण अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है। 25 जून को कई महत्वपूर्ण मुकाबले खेले जाने हैं, जिनके परिणाम नॉकआउट दौर की तस्वीर को और स्पष्ट करेंगे। विश्व फुटबॉल प्रेमियों की निगाहें अमेरिका, जर्मनी, नीदरलैंड और जापान जैसी टीमों पर टिकी हुई हैं।
आज जर्मनी का मुकाबला इक्वाडोर से और नीदरलैंड का सामना ट्यूनीशिया से होना है। वहीं जापान और स्वीडन के बीच भी अहम भिड़ंत निर्धारित है। इन मुकाबलों के नतीजे ग्रुप तालिका में बड़ा बदलाव ला सकते हैं।
हाल के मैचों में जर्मनी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने प्रतिद्वंद्वियों पर दबदबा बनाया है। ब्राजील, अर्जेंटीना, फ्रांस और इंग्लैंड जैसी दिग्गज टीमें भी अगले दौर में पहुंचने की मजबूत दावेदार मानी जा रही हैं। विश्व कप में इस बार कई एशियाई और अफ्रीकी देशों ने भी प्रभावशाली खेल दिखाया है।
फुटबॉल विशेषज्ञों का कहना है कि 2026 विश्व कप में प्रतिस्पर्धा पहले से कहीं अधिक कड़ी दिखाई दे रही है। छोटे देशों की टीमें भी बड़े उलटफेर करने की क्षमता दिखा रही हैं। यही कारण है कि प्रत्येक मैच रोमांच से भरपूर साबित हो रहा है।
आने वाले दिनों में नॉकआउट मुकाबलों की शुरुआत के साथ टूर्नामेंट और अधिक रोमांचक होने वाला है। फुटबॉल प्रशंसक विश्व कप के इस संस्करण को हाल के वर्षों के सबसे प्रतिस्पर्धी आयोजनों में से एक मान रहे हैं।
