मैनचेस्टर. कप्तान शुभमन गिल (103) की शतकीय पारी के दम पर भारत ने पांच मैचों की श्रृंखला के चौथे टेस्ट मैच के पांचवें और अंतिम दिन रविवार को यहां इंग्लैंड के खिलाफ लंच के विश्राम तक चार विकेट पर 223 रन बनाकर मैच बचाने का अपना संघर्ष जारी रखा. पहली पारी में 311 रन से पिछड़ने वाली भारतीय टीम अब भी इंग्लैंड से 88 रन पीछे हैं. लंच तक वाशिंगटन सुंदर (नाबाद 21) के साथ रविंद्र जडेजा खाता खोले बिना क्रीज पर मौजूद थे .

इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने कंधे में दर्द के बावजूद गेंदबाजी करने का फैसला किया और लोकेश राहुल (90) को आउट कर गिल के साथ तीसरे विकेट के लिए 188 रन की साझेदारी को तोड़ा. राहुल के आउट होने के बाद गिल ने धैर्य से बल्लेबाजी की लेकिन शतक पूरा करने के बाद लंच से पहले जोफ्रा आर्चर की गेंद पर बल्ला अड़ाकर विकेटकीपर जैमी स्मिथ को कैच दे बैठे.

भारत ने दिन की शुरुआत दो विकेट पर 174 रन से की. टीम इस समय इंग्लैंड की पहली पारी के रनों को बराबरी करने के लिए और 137 रन की जरूरत थी. बीते दिन के नाबाद बल्लेबाज गिल और राहुल ने उस अंदाज में बल्लेबाजी शुरू की जैसी उन्होंने मैच के चौथे दिन के आखिरी दो सत्र में की थी. भारतीय टीम अगर अगले दो सत्र में डट कर बल्लेबाजी करने में सफल रही तो गिल की इस शतकीय पारी का महत्व और बढ. जायेगा. ऋषभ पंत की चोट को देखते हुए यह हालांकि काफी मुश्किल होगा क्योंकि सुंदर और जडेजा के बाद भारतीय बल्लेबाजी काफी कमजोर है. भारत मैच में अब भी काफी पीछे था ऐसे में आउट होने के बाद गिल के चेहरे पर निराशा साफ झलक रही थी.

गिल और राहुल ने उस समय मोर्चा संभाला था जब टीम ने बिना किसी रन के दो विकेट गंवा दिए थे. उनकी 421 गेंद तक चली मैराथन साझेदारी आखिरकार तब टूटी जब स्टोक्स की गेंद टप्पा खाने के बाद तेजी से राहुल के पैड से टकरा गयी और अंपायर ने उन्हें बिना देरी किये पगबाधा करार दिया. इसके तुरंत बाद स्टोक्स की लगभग इसी लेंथ की गेंद गिल को चकमा देते हुए उनकी उंगलियों और हेलमेट से टकरा गयी. गिल इसके बाद काफी दर्द में दिखे और फिजियो ने मैदान पर उनकी उंगली का उपचार किया.

स्टोक्स का इस तरह से गेंदबाजी करना उल्लेखनीय था क्योंकि कंधे की चोट और मांसपेशियों की खिंचाव के कारण वह चौथे दिन गेंदबाजी करने के लिए फिट नहीं थे. उन्होंने हालांकि लॉर्ड्स टेस्ट की तरह यहां भी पांचवें दिन दर्द के बावजूद आठ ओवर का लंबा स्पैल डाला और चोट की परवाह किये बिना शानदार गेंदबाजी की. इंग्लैंड ने 80 ओवर का खेल पूरा होने के बाद नयी गेंद ली और आर्चर ने गिल को पवेलियन की राह दिखा कर इंग्लैंड को बड़ी कामयाबी दिलायी.

जडेजा को अपनी पारी की पहली ही गेंद पर जीवनदान मिला. आर्चर की उछाल लेती गेंद जडेजा के बल्ले को छूते हुए स्लिप क्षेत्र में गयी लेकिन जो रूट मुश्किल कैच को लपकने में नाकाम रहे. स्टोक्स के अलावा दिन की शुरुआती सत्र में लियाम डॉसन ने भी शानदार गेंदबाजी की. डॉसन को अब तक कोई सफलता नहीं मिली है लेकिन उन्होंने खासकर बायें हाथ के बल्लेबाज सुंदर के खिलाफ रफ के शानदार इस्तेमाल से कसी हुई गेंदबाजी की.

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