राष्ट्रवाणी: वीरेन्द्र गहवई, बिलासपुर. हाईकोर्ट ने कोटवारों और उसके उत्तराधिकारियों की सेवा भूमि पर मालिकाना हक के एक महत्वपूर्ण मामले में निर्णय सुनाया है. चीफ जस्टिस समेत तीन जजों की फुल बेंच ने कहा कि 1950 में जमींदारी उन्मूलन से पूर्व मालगुजारों या जमींदारों द्वारा कोटवारों को सेवा के बदले दी गई जमीन पर कोटवार या उनके वारिस भू स्वामी अधिकार का दावा नहीं कर सकते. बता दें, कि दो डिवीजन बेंच के ऑर्डर में विरोधाभास के बाद सिंगल बेंच ने मामला पूर्ण पीठ (फुल बेंच) को रेफर किया था. दरअसल, कबीरधाम जिले के गजेंद्र दास और स्थानीय जरहाटोला निवासी सुकृत दास ने हाईकोर्ट में याचिका पेश कर पूर्व में हाईकोर्ट के फैसलों का हवाला देकर सेवा भूमि पर मालिकाना हक देने की मांग की थी. जिस पर हाईकोर्ट ने पाया कि दो अलग अलग डिवीजन बेंचों के निर्णय में परस्पर विरोधाभास है. इसी विरोधाभास को देखते हुए मामले को फुल बेंच के लिए रेफर कर दिया गया था, जहां कोटवारों के विरुद्ध हाईकोर्ट का निर्णय सामने आया है.
Trending
- एनएमडीसी ने पन्ना खदान में 27.29 कैरेट रत्न-गुणवत्ता वाले हीरे का पता लगाया – भारतीय पीएसयू
- भारतीय पीएसयू झारखंड में दो प्रमुख सीसीएल खदानों की सुरक्षा सीआईएसएफ अपने हाथ में लेगी
- विश्वकर्मा पूजा: सीएमडी बीसीसीएल मनोज कुमार अग्रवाल ने कंपनी क्षेत्रों में समारोह में भाग लिया – भारतीय पीएसयू
- उद्योग जगत ने भारत की डीकार्बोनाइजेशन यात्रा में तेजी लाने के लिए ₹3,590 करोड़ की प्रतिबद्धता जताई – भारतीय पीएसयू
- यूपी बिजली संकट: कोयला मंत्रालय ने 973 मिलियन टन से अधिक के कोयला ब्लॉक पर राज्य को नोटिस दिया – भारतीय पीएसयू
- एचएएल तेजस ट्विन सीटर, एचटीटी-40 ट्रेनर भारतीय वायुसेना को और ध्रुव एनजी हेलीकॉप्टर पवन हंस को सौंपेगा – भारतीय पीएसयू
- सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक 28 सितंबर से तीन दिनों तक बंद रहने की संभावना: एआईबीईए ने हड़ताल का आह्वान किया – भारतीय पीएसयू
- जीआरएसई को राजभाषा के उत्कृष्ट कार्यान्वयन के लिए देश का सर्वोच्च सम्मान – “राजभाषा कीर्ति पुरस्कार” से सम्मानित किया गया – भारतीय पीएसयू

