FSSAI ने भ्रामक दावों पर कसा शिकंजा, कई कंपनियां जांच के दायरे में-भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने हाल ही में आठ बड़ी कंपनियों को नोटिस भेजकर उनके उत्पादों के नाम और प्रचार सामग्री में इस्तेमाल किए गए भ्रामक शब्दों पर सख्ती दिखाई है। FSSAI का कहना है कि कुछ कंपनियां अपने उत्पादों को ‘Healthy’ जैसे शब्दों से सजाकर उपभोक्ताओं को गुमराह कर रही हैं, जो खाद्य सुरक्षा कानून के खिलाफ है। यह कदम खाद्य उद्योग को साफ संदेश देता है कि मार्केटिंग में नियमों का पालन जरूरी है, ताकि उपभोक्ता सही जानकारी पर आधारित खरीदारी कर सकें।

Emami समेत कई बड़े ब्रांड FSSAI के निशाने पर-FSSAI ने जिन कंपनियों को नोटिस भेजा है, उनमें Emami Healthy & Tasty, Health Aid, Troovy, The Healthy Factory, Healthy Master, Healthy Choice, Plan B और Neuherbs शामिल हैं। खासतौर पर Emami के कुकिंग ऑयल ब्रांड के नाम में ‘Healthy’ शब्द के इस्तेमाल पर सवाल उठाए गए हैं। FSSAI का कहना है कि केवल नाम में ‘Healthy’ जोड़ देने से उत्पाद को स्वास्थ्यवर्धक साबित नहीं किया जा सकता। इसी तरह Health Aid और Healthy Choice जैसे नाम भी उपभोक्ताओं को भ्रमित कर सकते हैं, क्योंकि इनके दावों के पीछे वैज्ञानिक आधार होना जरूरी है।

‘Vegan’ और ‘Healthy’ दावों पर भी उठे सवाल-Plan B कंपनी के ‘Plant Based Vegan’ उत्पादों को लेकर भी FSSAI ने जांच शुरू की है। संस्था का कहना है कि कंपनी ने वीगन होने का दावा किया है, लेकिन इसके लिए जरूरी अनुमति नहीं ली गई है। बिना आधिकारिक मंजूरी के ऐसे दावे उपभोक्ताओं को भ्रमित कर सकते हैं। इसी तरह Troovy के ‘Healthy Mix Veggie Chips’ और ‘Healthy Ragi Chips’ जैसे उत्पादों में ‘Healthy’ शब्द के इस्तेमाल पर भी सवाल उठाए गए हैं, क्योंकि इन उत्पादों में अन्य सामग्री भी शामिल है, जो पूरी तरह स्वास्थ्यवर्धक होने का दावा नहीं कर सकती।

ब्रेड, पिज्जा बेस और विटामिन उत्पाद भी जांच के घेरे में-The Healthy Factory के ‘Zero Maida Whole Wheat Bread’ और‘Zero Maida Pizza Base’ जैसे उत्पादों को भी FSSAI ने भ्रामक बताया है। इनके नाम और दावों की समीक्षा जरूरी है क्योंकि इनमें गेहूं से जुड़े अन्य तत्व भी होते हैं। Neuherbs के ‘True Vitamin’ उत्पादों की श्रृंखला पर भी सवाल उठे हैं क्योंकि यह नाम नियामक परिभाषा में स्पष्ट नहीं है और उपभोक्ताओं को भ्रमित कर सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनियों को विज्ञापन में सचेत रहना चाहिए ताकि उपभोक्ताओं को सही जानकारी मिले।

उपभोक्ताओं को सही जानकारी देना कंपनियों की जिम्मेदारी-FSSAI का यह कदम स्पष्ट करता है कि खाद्य उत्पादों की बिक्री केवल आकर्षक नामों और टैगलाइन से नहीं हो सकती। ‘Healthy Master’ और ‘Healthy Choice’ जैसी टैगलाइन पर भी सवाल उठाए गए हैं। किसी भी उत्पाद को स्वास्थ्य से जोड़ने के लिए वैज्ञानिक प्रमाण और नियमों का पालन जरूरी है। उपभोक्ता अक्सर पैकेट पर लिखे शब्दों को देखकर खरीदारी करते हैं, इसलिए कंपनियों की जिम्मेदारी है कि वे पारदर्शी और सही जानकारी दें। इस कार्रवाई से खाद्य उद्योग में ब्रांडिंग और विज्ञापन को लेकर सावधानी बढ़ेगी और उपभोक्ताओं को भी जागरूक होने का संदेश मिलेगा।

 

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