तेल अवीव. एक इजराइली रिपोर्ट में कहा गया है कि हमास ने सात अक्टूबर 2023 को अपने हमलों में यौन हिंसा को “युद्धक हथियार” के रूप में इस्तेमाल किया. यह रिपोर्ट मंगलवार को जारी की गयी, जो अंतरराष्ट्रीय और इजराइली अधिकार समूहों और संयुक्त राष्ट्र द्वारा आतंकवादी समूह के हमले की अन्य जांचों पर आधारित है.

कानूनी और लैंगिक विशेषज्ञों की टीम ‘दीनाह प्रोजेक्ट’ की रिपोर्ट ने अपने निष्कर्ष पीड़ितों और चश्मदीदों की गवाही, पहले पहुंचने वाले राहतर्किमयों के विवरण और फोरेंसिक, दृश्य तथा ऑडियो साक्ष्यों के आधार पर तैयार किए हैं. रिपोर्ट में यौन हिंसा के अभियोजन के तरीके में बदलाव की मांग की गई है. इसमें कहा गया कि हमास ने पीड़ितों की जान लेकर उन्हें चुप करा दिया, जिससे जांचकर्ताओं को अपराधियों को जिम्मेदार ठहराने के लिए आवश्यक अहम सबूतों से वंचित होना पड़ा.

रिपोर्ट में कहा गया है, “अधिकतर पीड़ितों को स्थायी रूप से चुप करा दिया गया – या तो हमलों के दौरान या बाद में उनकी हत्या कर दी गई या वे इतने सदमे में हैं कि बात नहीं कर सकते – जिससे साक्ष्य संबंधी चुनौतियां पैदा हो रही हैं.” यह रिपोर्ट ऐसे समय आई है जब इजराइल और हमास गाजा में 21 महीने से चल रहे युद्ध के लिए संघर्ष विराम को लेकर बातचीत कर रहे हैं, जिसकी शुरुआत आतंकवादियों द्वारा सीमा पार से अचानक किये गये हमले से हुई थी. प्रस्तावित समझौते के तहत फलस्तीनी क्षेत्र में लड़ाई रोकी जाएगी और शेष 50 जीवित बंधकों में से कुछ को रिहा किया जाएगा.

रिपोर्ट में कहा गया है कि इसमें दर्जनों विवरण शामिल हैं, जिनमें दुष्कर्म के प्रयास की पीड़िता, वापस लौटे 15 बंधकों, 17 गवाहों और कई अन्य लोगों के विवरण शामिल हैं. कुछ मामलों में, ‘दीनाह प्रोजेक्ट’ ने स्वयं साक्षात्कार किए, जबकि अन्य में उसने सार्वजनिक रूप से उपलब्ध साक्ष्य या प्रकाशित विवरणों पर भरोसा किया.

इजरायली और अंतरराष्ट्रीय मीडिया में आई खबरों का हवाला देते हुए, उसने कहा कि 15 पूर्व बंधकों ने या तो किसी न किसी रूप में यौन उत्पीड़न का अनुभव किया या देखा, जिसमें शारीरिक यौन हिंसा, जबरन नग्नता, मौखिक यौन उत्पीड़न और जबरन विवाह की धमकियां शामिल थीं. दो पुरुष बंधकों ने बताया कि उन्हें जबरन निर्वस्त्र किया गया और उन्हें शारीरिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ा.
रिपोर्ट में कहा गया है कि गवाहों के बयानों से यौन उत्पीड़न के कम से कम 15 अलग-अलग मामलों का संकेत मिलता है, जिनमें सामूहिक बलात्कार के कम से कम चार मामले शामिल हैं.

रिपोर्ट में कहा गया है कि उसके निष्कर्षों से यौन हमलों में ‘पैटर्न’ का पता चलता है, जिसमें पीड़ितों का आंशिक रूप से या पूरी तरह से निर्वस्त्र मिलना, उनके हाथ बंधे होना, सामूहिक बलात्कार के बाद हत्या और सार्वजनिक अपमान के साक्ष्य शामिल हैं, जो संकेत देते हैं कि उनका जानबूझकर युद्धक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया गया था.

हमास के एक अधिकारी ने नयी रिपोर्ट पर टिप्पणी के अनुरोध का तुरंत जवाब नहीं दिया. हमास ने पहले इस दावे का खंडन किया है कि उसके सैनिकों ने सात अक्टूबर, 2023 को यौन हिंसा की थी, जब इजराइल पर धावा बोला गया था. उस हमले में 1,200 लोग मारे गए थे और 251 बंधक बना लिए गए थे. पिछले वर्ष एक रिपोर्ट में संयुक्त राष्ट्र ने कहा था कि यह मानने के लिए “उचित आधार” हैं कि हमास ने हमले के दौरान महिलाओं के साथ बलात्कार, यौन उत्पीड़न तथा अन्य क्रूर एवं अमानवीय व्यवहार किया.

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