राष्ट्रवाणी: Easy Hacks To Remove Stains From Velvet Sofa: मखमली फर्नीचर घर की खूबसूरती में चार चांद लगा देता है. इसकी मुलायम सतह, गहरा रंग और चमक कमरे को शानदार लुक देती है. लेकिन मखमली कपड़ा जितना खूबसूरत होता है, उसकी देखभाल उतनी ही सावधानी से करनी पड़ती है. इसकी घनी और मुलायम परत में धूल, गंदगी और बाल आसानी से फंस जाते हैं. गलत तरीके से सफाई करने पर कपड़े की सतह दब सकती है, उसकी चमक कम हो सकती है या उसके बारीक रेशे खराब हो सकते हैं. इसलिए मखमली सोफा, कुर्सी या दूसरे फर्नीचर को साफ करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है. मखमली फर्नीचर की सफाई का सबसे आसान तरीका है कि उसकी धूल नियमित रूप से साफ की जाए. इसकी घनी सतह में धूल और छोटे कण जल्दी जमा हो जाते हैं. इन्हें लंबे समय तक छोड़ने पर गंदगी कपड़े की अंदरूनी परत तक पहुंच सकती है. धूल साफ करने के लिए मुलायम ब्रश वाली धूल साफ करने की मशीन का इस्तेमाल करें. बहुत तेज खिंचाव या कड़े ब्रश से मखमल के नाजुक रेशे दब सकते हैं या उनकी सतह खराब हो सकती है. हफ्ते में कम से कम एक बार फर्नीचर की धूल साफ करने से गंदगी जमा होने से रोकी जा सकती है. मखमली सोफे के कुशन और तकियों को समय-समय पर घुमाते या उनकी जगह बदलते रहें. इससे फर्नीचर के किसी एक हिस्से पर लगातार दबाव नहीं पड़ता. रोजाना एक ही जगह बैठने से मखमल की सतह कुछ हिस्सों में दब सकती है और उसकी मुलायम बनावट खराब नजर आने लगती है. कुशन को नियमित रूप से घुमाने से इस्तेमाल का दबाव अलग-अलग हिस्सों में बंटता रहता है और फर्नीचर लंबे समय तक अपनी मूल बनावट बनाए रख सकता है. पालतू जानवरों और नुकीली चीजों से बचाएं अगर घर में पालतू जानवर हैं, तो उनके बाल मखमल के घने रेशों में आसानी से फंस सकते हैं. उनके नाखून कपड़े की सतह को खींचकर नुकसान भी पहुंचा सकते हैं. इसलिए कोशिश करें कि पालतू जानवरों को मखमली फर्नीचर से दूर रखें या जरूरत पड़ने पर उसके ऊपर कवर का इस्तेमाल करें. अगर फर्नीचर पर बाल आ गए हैं, तो उन्हें रोएं हटाने वाले रोलर या मुलायम ब्रश से धीरे-धीरे हटाएं. इसके अलावा चाबी, पेन, जिप या किसी दूसरी नुकीली चीज को मखमली सतह पर रखने से बचें. दाग लगते ही रगड़ने के बजाय हल्के हाथ से सोखें मखमली फर्नीचर पर अगर कोई तरल चीज गिर जाए, तो सबसे पहले तुरंत उसे साफ करें. एक साफ और सूखे कपड़े या कागज के तौलिये से उस जगह को हल्के हाथों से दबाकर तरल सोखें. दाग को रगड़ने की गलती न करें. रगड़ने से तरल कपड़े के अंदर और फैल सकता है और मखमल के नाजुक रेशे भी खराब हो सकते हैं. कपड़े से धीरे-धीरे दबाकर नमी सोखते रहें, जब तक सतह से तरल कम न हो जाए. अगर केवल कपड़े से नमी सोखने के बाद दाग नहीं निकलता, तो हल्के साबुन का इस्तेमाल किया जा सकता है. थोड़ी मात्रा में हल्का बर्तन धोने वाला साबुन या फर्नीचर के कपड़े की सफाई के लिए बने साफ करने वाले घोल को गुनगुने पानी में मिलाएं. एक साफ कपड़े को इस घोल में हल्का गीला करें और अच्छी तरह निचोड़ लें. अब दाग वाली जगह पर कपड़े को धीरे-धीरे दबाएं. मखमल को ज्यादा गीला करने से बचें, क्योंकि अतिरिक्त पानी कपड़े की बनावट और मुलायमपन को प्रभावित कर सकता है. दाग हटने के बाद साफ और हल्के गीले कपड़े से साबुन का बचा हुआ हिस्सा हटा दें. इसके बाद फर्नीचर को प्राकृतिक तरीके से सूखने दें. कभी-कभी सफाई के बाद मखमल की सतह थोड़ी चपटी या दबाई हुई दिखाई दे सकती है. ऐसे में मुलायम मखमली ब्रश की मदद से रेशों को धीरे-धीरे उठाया जा सकता है. ब्रश को कपड़े के रेशों की दिशा में चलाएं. इससे दबे हुए रेशे फिर से उठ सकते हैं और फर्नीचर की मुलायम और चमकदार बनावट वापस आने में मदद मिल सकती है. नियमित धूल साफ करने और दाग वाली जगह की सफाई के अलावा कुछ महीनों में एक बार फर्नीचर की गहरी सफाई भी जरूरी हो सकती है. हालांकि, मखमल की सफाई का कोई भी तरीका अपनाने से पहले फर्नीचर पर दिए गए सफाई संबंधी निर्देश जरूर पढ़ें. अगर कपड़ा बेहद नाजुक है, पुराना है या बहुत कीमती फर्नीचर है, तो घर पर प्रयोग करने के बजाय किसी विशेषज्ञ से सफाई करवाना बेहतर हो सकता है. विशेषज्ञ मखमली कपड़े के लिए सही सफाई का तरीका और सामग्री चुन सकते हैं. मखमली फर्नीचर को लंबे समय तक सीधी धूप में रखने से बचें. लगातार धूप पड़ने से कपड़े का रंग धीरे-धीरे फीका पड़ सकता है. अगर फर्नीचर खिड़की के पास रखा है, तो पर्दे या दूसरे उपायों से सीधी धूप को रोकने की कोशिश करें. मखमली फर्नीचर पर किसी एक जगह लगातार ज्यादा दबाव न डालें. कुशन और तकियों को समय-समय पर बदलते रहें, ताकि वजन और इस्तेमाल का दबाव एक ही जगह पर न पड़े. अगर कपड़े को दाग और गंदगी से बचाने के लिए किसी सुरक्षा परत वाले उत्पाद का इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो पहले उसे फर्नीचर के किसी छिपे हुए छोटे हिस्से पर लगाकर जांच लें. इससे पता चल जाएगा कि उससे कपड़े के रंग या सतह पर कोई असर तो नहीं पड़ रहा. जर्नलिज्म की दुनिया में करीब 15 साल बिता चुकीं सोनम की अपनी अलग पहचान है. वह खुद ट्रैवल की शौकीन हैं और यही वजह है कि अपने पाठकों को नई-नई जगहों से रूबरू कराने का माद्दा रखती हैं. लाइफस्टाइल और हेल्थ जैसी बीट्स में उन्होंने अपनी लेखनी से न केवल रीडर्स का ध्यान खींचा है, बल्कि अपनी विश्वसनीय जगह भी कायम की है. उनकी लेखन शैली में गहराई, संवेदनशीलता और प्रामाणिकता का अनूठा कॉम्बिनेशन नजर आता है, जिससे रीडर्स को नई-नई जानकारी मिलती हैं. लखनऊ यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रैजुएशन रहने वाली सोनम ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत भी नवाबों के इसी शहर से की. में उन्होंने बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद के आईनेक्स्ट में भी उन्होंने काफी वक्त तक काम किया. फिलहाल, वह एबीपी लाइव वेबसाइट में लाइफस्टाइल डेस्क पर बतौर कंटेंट राइटर काम कर रही हैं. ट्रैवल उनका इंटरेस्ट एरिया है, जिसके चलते वह न केवल लोकप्रिय टूरिस्ट प्लेसेज के अनछुए पहलुओं से रीडर्स को रूबरू कराती हैं, बल्कि ऑफबीट डेस्टिनेशन्स के बारे में भी जानकारी देती हैं. हेल्थ बीट पर उनके लेख वैज्ञानिक तथ्यों और सामान्य पाठकों की समझ के बीच बैलेंस बनाते हैं. सोशल मीडिया पर भी सोनम काफी एक्टिव रहती हैं और अपने आर्टिकल और ट्रैवल एक्सपीरियंस शेयर करती रहती हैं. 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