हरिद्वार/देहरादून/लखनऊ/नयी दिल्ली. उत्तराखंड के हरिद्वार में मनसा देवी मंदिर क्षेत्र में रविवार को भगदड़ मच जाने से छह श्रद्धालुओं की मौत हो गयी तथा 29 अन्य घायल हो गए. अधिकारियों यह जानकारी दी. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है.

धामी ने घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए और मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की भी घोषणा की हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र डोभाल ने बताया कि सुबह नौ बजे भगदड़ की सूचना मिलने पर तत्काल पुलिस व अन्य बचाव दल मौके पर पहुंचे तथा बचाव एवं राहत अभियान शुरू किया.

उन्होंने बताया कि करीब 35 श्रद्धालुओं को अस्पताल में भर्ती कराया गया जिनमें से छह श्रद्धालुओं की मौत की पुष्टि हो गई है. डोभाल ने बताया कि अन्य लोगों का उपचार किया जा रहा है जिनमें से कुछ की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें उच्च स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया है . उन्होंने बताया कि मंदिर से करीब 100 मीटर नीचे सीढि.यों के पास अचानक बिजली के करंट की अफवाह फैल गयी और प्रथम दृष्टया प्रतीत होता है कि संभवत: इसी वजह से भगदड़ हुई. हालांकि, उन्होंने घटना की विस्तृत जांच की बात कही है. राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) से मिली जानकारी के अनुसार, हादसे का शिकार हुए श्रद्धालु उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, हरियाणा तथा दिल्ली के निवासी हैं.

एसईओसी के अनुसार मृतकों की पहचान उत्तर प्रदेश के बरेली निवासी आरुष (12), बिहार के अररिया के निवासी शकल देव (18), उत्तर प्रदेश के रामपुर निवासी विक्की सैनी (18), उत्तराखंड के काशीपुर निवासी विपिन सैनी (18), उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के वकील सिंह और उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले की शांति के रूप में हुई है. इसने सिंह और शांति के उम्र नहीं बताई.

सावन का महीना होने की वजह से मनसा देवी मंदिर में इन दिनों भारी भीड़ उमड़ी रही है और जिस समय घटना हुई संकरे सीढ.ी मार्ग से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु लगातार मंदिर की ओर जा रहे थे. हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि घटनास्थल बिजली के कई तार टूटे मिले हैं जिससे प्रतीत होता है कि भीड़ की वजह से खुद लोगों ने तार पकड़ कर ऊपर चढ.ने की कोशिश की होगी.

प्रदेश के आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि हादसे में पांच लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं जिन्हें बेहतर उपचार के लिए ऋषिकेश स्थित अखिल भारतीय आयुर्वज्ञिान संस्थान (एम्स) रेफर कर दिया गया है. उन्होंने बताया कि मनसा देवी में हुई घटना की जानकारी के लिए राज्य सरकार ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं. एक सोशल मीडिया पोस्ट में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार दुख की इस घड़ी में शोक संतप्त परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि घटना में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं . धामी ने हरिद्वार के जिलाधिकारी को घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिया और कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए भीड़ प्रबंधन व सुरक्षा व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की जा रही है.

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ”उत्तराखंड के हरिद्वार में मनसा देवी मंदिर जाने के मार्ग पर भगदड़ मचने के कारण लोगों की मौत से बहुत दुखी हूं. जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, मैं उनके प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं. घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं. स्थानीय प्रशासन पीड़ितों की सहायता कर रहा है.”

हरिद्वार के मंदिर में भगदड़. मचने से तीर्थयात्रियों की हुई मौत पीड़ादायक : राष्ट्रपति मुर्मू

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रविवार को उत्तराखंड के हरिद्वार में मनसा देवी मंदिर क्षेत्र में मची भगदड़ में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की. राष्ट्रपति मुर्मू ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर के मार्ग में मची भगदड़ में श्रद्धालुओं की मृत्यु होने का समाचार बहुत पीड़ादायक है. मैं सभी शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करती हूं. मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करती हूं.”

योगी आदित्यनाथ ने मनसा देवी मंदिर में भगदड़ की घटना पर गहरा दुख जताया

उत्तर प्रदेश के मुख्­यमंत्री योगी आदित्­यनाथ ने रविवार को उत्तराखंड के हरिद्वार में मनसा देवी मंदिर क्षेत्र में भगदड़ मच जाने से श्रद्धालुओं की मौत पर गहरा दुख प्रकट किया है. इस बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उप्र के निवासी मृतकों के परिजनों के लिए दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने की घोषणा की है.

लखनऊ में जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार मृतकों में एक बालक और महिला समेत चार लोग उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के निवासी थे. मुख्­यमंत्री योगी आदित्­यनाथ ने ‘एक्­स’ पर शोक संदेश में कहा, ”उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित श्री मनसा देवी मंदिर मार्ग में दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना में हुई जनहानि अत्यंत दुखद एवं हृदय विदारक है. मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं.” योगी ने अपने पोस्­ट में कहा, ”मां मनसा देवी से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को सद्गति, शोकाकुल परिजनों को यह अथाह दु?ख सहन करने की शक्ति एवं घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें. ॐ शांति.”

धामी ने हरिद्वार पहुंचकर भगदड़ में घायल हुए लोगों का हाल-चाल जाना

उत्तराखंड में मनसादेवी मंदिर क्षेत्र में रविवार को भगदड़ की घटना के कुछ देर बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हरिद्वार पहुंचे और अस्पताल में भर्ती घायलों से मुलाकात कर उनका हाल-चाल जाना. मुख्यमंत्री ने जिला अस्पताल पहुंचकर वहां भर्ती प्रत्येक घायल के पास जाकर उससे बातचीत की और उनका हाल-चाल जाना. उन्होंने घायल श्रद्धालुओं से हादसे के बारे में भी जानकारी ली. बाद में मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने हादसे पर गहरा दुख जताया और कहा कि दुख की इस घड़ी में राज्य सरकार पीड़ितों के साथ है. धामी ने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए कहा कि उन्होंने अधिकारियों को घायलों का समुचित इलाज कराने के निर्देश दिए हैं.

भारत में मंदिरों और अन्य धार्मिक समारोहों में हुई बड़ी भगदड़ों की सूची

उत्तराखंड के हरिद्वार में मनसा देवी मंदिर क्षेत्र में रविवार को भगदड़ मचने से छह श्रद्धालुओं की मौत हो गई तथा कई अन्य घायल हो गए. यह पहली बार नहीं है जब भारत में मंदिरों और अन्य धार्मिक समारोहों में भगदड़ में लोग मारे गए हों. पिछले कुछ वर्षों में देश में हुई कुछ प्रमुख भगदड़ की घटनाओं की सूची इस प्रकार है :

चार जून, 2025 : आईपीएल में आरसीबी की जीत का जश्न मनाने के लिए भीड़ एकत्र हुई, जिसमें चिन्नास्वामी स्टेडियम के पास भगदड़ मचने से कम से कम 11 लोग मारे गए और कई अन्य घायल हो गए.

तीन मई, 2025 : गोवा के शिरगाओ गांव में श्री लैराई देवी मंदिर के वार्षिक उत्सव के दौरान तड़के मची भगदड़ में छह लोगों की मौत हो गई और लगभग 100 लोग घायल हो गए.

15 फरवरी, 2025 : नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ में महिलाओं और बच्चों समेत 18 लोगों की मौत हो गई. ये लोग महाकुंभ के लिए प्रयागराज जाने वाली ट्रेन का इंतजार कर रहे थे.

29 जनवरी, 2025 : ‘अमृत स्नान’ में भाग लेने के लिए लाखों लोगों की भीड़ जुटने के बाद महाकुंभ के संगम क्षेत्र में मची भगदड़ में 30 लोगों की मौत हो गई और 60 अन्य घायल हो गए.

आठ जनवरी, 2025 : तिरुमाला हिल्स स्थित भगवान वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में वैकुंठ द्वार दर्शनम के टिकट के लिए सैकड़ों श्रद्धालुओं के बीच हुई धक्का-मुक्की में छह श्रद्धालुओं की मौत हो गई और दर्जनों घायल हो गए.

दो जुलाई, 2024 : उत्तर प्रदेश के हाथरस में स्वयंभू बाबा भोले बाबा उर्फ नारायण साकार हरि द्वारा आयोजित सत्संग में भगदड़ मचने से महिलाओं और बच्चों सहित 100 से 120 लोगों की मौत हो गई.

31 मार्च, 2023 : इंदौर शहर के एक मंदिर में रामनवमी के अवसर पर आयोजित हवन कार्यक्रम के दौरान एक प्राचीन ‘बावड़ी’ के ऊपर बनी स्लैब के ढह जाने से 36 लोगों की मौत हो गई.

एक जनवरी, 2022 : जम्मू-कश्मीर के प्रसिद्ध माता वैष्णो देवी मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण मची भगदड़ में 12 लोगों की मौत हो गई और एक दर्जन से अधिक घायल हो गए.

14 जुलाई, 2015 : आंध्र प्रदेश के राजमुंदरी में ‘पुष्करम’ उत्सव के पहले दिन गोदावरी नदी के तट पर एक प्रमुख स्नान स्थल पर भगदड़ मचने से 27 तीर्थयात्रियों की मृत्यु हो गई और 20 अन्य घायल हो गए.

तीन अक्टूबर, 2014 : दशहरा समारोह समाप्त होने के तुरंत बाद पटना के गांधी मैदान में मची भगदड़ में 32 लोग मारे गए और 26 अन्य घायल हो गए.

13 अक्टूबर, 2013 : मध्य प्रदेश के दतिया जिले में रतनगढ़ मंदिर के पास नवरात्रि उत्सव के दौरान मची भगदड़ में 115 लोग मारे गए और 100 से अधिक घायल हो गए.

Share.
Leave A Reply

Exit mobile version