राष्ट्रवाणी: हकीमुद्दीन नासिर, महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में पुलिस ने मानव तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने महासमुंद और सीमावर्ती ओडिशा में दो राज्यों के 10 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की।
इस दौरान तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई मानव तस्करी, नाबालिगों के अवैध परिवहन, बाल मजदूरी और नाबालिग बालिकाओं के दैहिक शोषण से जुड़े मामलों को लेकर की गई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मनीष गुप्ता निवासी बागबाहरा, पियूष अग्रवाल निवासी पिथौरा और नंदू महंती निवासी पिथौरा के रूप में हुई है।
कार्रवाई के दौरान करीब 1 करोड़ 40 लाख रुपये जब्त करने की जानकारी सामने आई है। इसके साथ ही पुलिस को हजारों बालिग और नाबालिग मजदूरों के अवैध परिवहन और कथित बंधुआ मजदूरी से जुड़े डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्य मिले हैं। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में नेटवर्क के जरिए बड़ी संख्या में मजदूरों के अवैध परिवहन और उनसे जुड़े आर्थिक लेन-देन की जानकारी सामने आई है।
जांच में नाबालिगों से संबंधित मामलों के साथ बाल मजदूरी और नाबालिग बालिकाओं के दैहिक शोषण से जुड़े पहलुओं को भी शामिल किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों से पुलिस पूछताछ कर रही है। पुलिस को आशंका है कि इस नेटवर्क से जुड़े कई अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है।
पूछताछ के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि मामले में महासमुंद पुलिस की कार्रवाई को लेकर आईजी जल्द ही पूरे मामले का विस्तृत खुलासा कर सकते हैं। इस दौरान मानव तस्करी के नेटवर्क, मजदूरों के अवैध परिवहन, आर्थिक लेन-देन और नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों को लेकर अहम जानकारी सामने आने की संभावना है।
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद मानव तस्करी से जुड़े नेटवर्क में हड़कंप मच गया है।
