त्रिशूर: केरल के त्रिशूर जिले के कोडकारा इलाके में शुक्रवार की सुबह एक पुरानी इमारत ढह जाने से उसमें रह रहे तीन प्रवासी मजदूरों की मौत हो गयी। पुलिस ने यह जानकारी दी। यह हादसा उस समय हुआ जब सभी मजदूर काम पर जाने की तैयारी कर रहे थे।

घटनास्थल पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों एवं दमकल तथा बचाव सेवाओं के अधिकारियों के अनुसार, इमारत में 17 प्रवासी श्रमिक रह रहे थे, जिनमें से 14 इमारत से सुरक्षित बाहर निकल गये। पुलिस के अनुसार, यह घटना सुबह करीब छह बजे घटी और पूरे बचाव अभियान में करीब ढाई घंटे का समय लगा।

राज्य के श्रम मंत्री वी. शिवनकुट्टी के कार्यालय ने एक बयान में कहा कि श्रम मंत्री ने श्रम आयुक्त को घटना की विस्तृत जांच करने और एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। बयान में यह भी कहा गया है कि विभाग श्रमिकों के पार्थिव शरीर को उनके मूल स्थानों पर वापस भेजने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा।

इस बीच, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने सोशल मीडिया मंच ‘फेसबुक’ पर पोस्ट में घटना को दुखद बताया और शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की।
अभियान का ब्यौरा देते हुए अग्निशमन विभाग के एक अधिकारी ने पहले बताया था कि मलबे में दबे दो लोगों को जल्दी बचाया जा सका क्योंकि वे सतह के करीब थे।

अधिकारी ने बताया कि तीसरे व्यक्ति को बाहर निकालने में अधिक समय लगा, क्योंकि वह कंक्रीट के बड़े-बड़े स्लैबों सहित मलबे के नीचे दबा हुआ था। उन्होंने बताया कि बचाव अभियान में तीन इकाइयां तैनात की गई थीं।
टीवी चैनलों पर दिखाए गए दृश्यों के अनुसार, मलबा हटाने और पीड़ितों को बचाने के लिए कई अग्निशमन एवं बचाव र्किमयों तथा कुछ जेसीबी की मदद ली गई।

पुलिस ने बताया कि पहले दो लोगों की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। घटनास्थल पर मौजूद पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने संवाददाताओं से कहा कि इस बात की जांच की जानी चाहिए कि घटना के पीछे क्या कारण था।

घटनास्थल पर मौजूद एक राजस्व अधिकारी ने संवाददाताओं को बताया कि श्रम विभाग के अधिकारियों को शीघ्र मौके पर पहुंचकर यह बताने को कहा गया है कि इतने सारे श्रमिकों को इमारत में रहने की अनुमति क्यों दी गई।
राजस्व अधिकारी ने यह भी कहा कि इसकी जांच की जानी चाहिए कि क्या यह अनुपयुक्त संरचना थी।

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