नयी दिल्ली. नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) के अधिकारियों ने बृहस्पतिवार से इंडिगो के मुख्यालय से विमानन कंपनी के संचालन, ‘रिफंड’ और अन्य प्रक्रियाओं की निगरानी शुरू कर दी. सूत्रों ने यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि अधिकारियों से विमानन कंपनी की स्थिति पर दैनिक रिपोर्ट प्रस्तुत करने की अपेक्षा की जाती है. इंडिगो पायलट एवं चालक दल के नए ‘ड्यूटी’ मानदंडों के कार्यान्वयन से संबंधित योजनागत विफलताओं के कारण महत्वपूर्ण परिचालन बाधाओं से जूझ रही है. इसके परिणामस्वरूप उसने हजारों उड़ाने रद्द की हैं.

विमानन नियामक डीजीसीए ने बुधवार को इंडिगो के गुरुग्राम मुख्यालय में एक निगरानी समिति के दो सदस्यों को तैनात करने का फैसला किया था ताकि रद्द उड़ानों की स्थिति, कर्मचारियों की तैनाती, अनियोजित अवकाश एवं कर्मचारियों की कमी से प्रभावित मार्गों की निगरानी की जा सके. डीजीसीए ने इंडिगो के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पीटर एल्बर्स को बृहस्पिवार दोपहर तीन बजे अपने कार्यालय में तलब किया और हाल में परिचालन व्यवधानों से संबंधित व्यापक एवं अद्यतन जानकारी की एक पूरी रिपोर्ट मांगी.

विमानन नियामक के बुधवार को जारी आदेश के मुताबिक, डीजीसीए कार्यालय के दो अधिकारियों, एक वरिष्ठ सांख्यिकी अधिकारी और एक उप निदेशक को इंडिगो के कॉरपोरेट कार्यालय में तैनात किया जाएगा ताकि घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के रद्द होने की स्थिति, धन वापसी की स्थिति, समय पर प्रदर्शन, नागर विमानन आवश्यकताओं के अनुसार यात्रियों को मुआवजा एवं सामान वापसी की निगरानी की जा सके. आदेश के अनुसार, साथ ही डीजीसीए के वरिष्ठ अधिकारी 11 घरेलू हवाई अड्डों पर इंडिगो के संचालन का आकलन करने के लिए तत्काल मौके पर जाकर निरीक्षण करेंगे.

सभी नियुक्त अधिकारी अगले दो से तीन दिन में अपने-अपने हवाई अड्डों का दौरा करेंगे और अपने दौरे के 24 घंटों के भीतर नयी दिल्ली स्थित डीजीसीए के उड़ान सुरक्षा विभाग के संचालन निदेशक को एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे. इंडिगो ने कड़े सुरक्षा नियमों की योजना बनाने में विफल रहने के कारण देशभर में पिछले सप्ताह से हजारों उड़ानें रद्द की हैं. रद्द उड़ानों की संख्या पांच दिसंबर को चरम पर थी और उसके बाद से इसमें कमी आई है.

विमानन कंपनी ने मंगलवार को कहा था कि उसका परिचालन स्थिर हो गया है और सामान्य स्तर पर लौट आया है. हालांकि उड़ानों के रद्द होने का सिलसिला जारी रहा और उसने पांच दिसंबर को एक ही दिन में रिकॉर्ड 1,600 उड़ानें रद्द कर दीं. वित्त वर्ष 2025-26 के शीतकालीन कार्यक्रम (शेड्यूल) के तहत विमानन कंपनी प्रतिदिन 2,200 से अधिक उड़ानें संचालित कर रही थी. इसे नागर विमानन मंत्रालय के 10 दिसंबर के आदेश के अनुसार पहले ही 10 प्रतिशत तक कम कर दिया गया है.

उड़ानों में व्यवधान के बीच इंडिगो के सीईओ एल्बर्स शुक्रवार को फिर होंगे डीजीसीए के समक्ष पेश

विमानन नियामक डीजीसीए ने उड़ानों में जारी व्यवधान के मद्देनजर इंडिगो के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पीटर एल्बर्स को शुक्रवार को फिर से उसके समक्ष पेश होने को कहा है. सूत्रों ने यह जानकरी दी. डीजीसीए ने पिछले सप्ताह संयुक्त महानिदेशक संजय ब्रह्मणे, उप महानिदेशक अमित गुप्ता, वरिष्ठ उड़ान संचालन निरीक्षक कपिल मंगलिक और लोकेश रामपाल सहित चार सदस्यीय पैनल का गठन किया था, जिसे राहुल भाटिया के नियंत्रण वाली घरेलू एयरलाइन में व्यापक परिचालन व्यवधानों के मूल कारणों की पहचान करने का दायित्व सौंपा गया था.

सूत्रों के अनुसार एल्बर्स को बृहस्पतिवार को डीजीसीए ने तलब किया था, वह शुक्रवार को अधिकारियों के समक्ष फिर से पेश होंगे.
सूत्रों ने दिन में बताया कि निगरानी बढ़ाने के उद्देश्य से, डीजीसीए के अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को एयरलाइन के मुख्यालय से इंडिगो के संचालन, रिफंड और अन्य प्रक्रियाओं की निगरानी शुरू कर दी.

विमानन नियामक के बुधवार को जारी आदेश के मुताबिक, डीजीसीए कार्यालय के दो अधिकारियों, एक वरिष्ठ सांख्यिकी अधिकारी और एक उप निदेशक को इंडिगो के कॉरपोरेट कार्यालय में तैनात किया जाएगा ताकि घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के रद्द होने की स्थिति, धन वापसी की स्थिति, समय पर प्रदर्शन, नागर विमानन आवश्यकताओं के अनुसार यात्रियों को मुआवजा एवं सामान वापसी की निगरानी की जा सके.

आदेश के अनुसार, साथ ही डीजीसीए के वरिष्ठ अधिकारी 11 घरेलू हवाई अड्डों पर इंडिगो के संचालन का आकलन करने के लिए तत्काल मौके पर जाकर निरीक्षण करेंगे. सभी नियुक्त अधिकारी अगले दो से तीन दिन में अपने-अपने हवाई अड्डों का दौरा करेंगे और अपने दौरे के 24 घंटों के भीतर नयी दिल्ली स्थित डीजीसीए के उड़ान सुरक्षा विभाग के संचालन निदेशक को एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे.

इंडिगो ने कड़े सुरक्षा नियमों की योजना बनाने में विफल रहने के कारण देशभर में पिछले सप्ताह से हजारों उड़ानें रद्द की हैं. रद्द उड़ानों की संख्या पांच दिसंबर को चरम पर थी और उसके बाद से इसमें कमी आई है. विमानन कंपनी ने मंगलवार को कहा था कि उसका परिचालन स्थिर हो गया है और सामान्य स्तर पर लौट आया है. हालांकि उड़ानों के रद्द होने का सिलसिला जारी रहा और उसने पांच दिसंबर को एक ही दिन में रिकॉर्ड 1,600 उड़ानें रद्द कर दीं. वित्त वर्ष 2025-26 के शीतकालीन कार्यक्रम के तहत विमानन कंपनी प्रतिदिन 2,200 से अधिक उड़ानें संचालित कर रही थी. इसे नागर विमानन मंत्रालय के 10 दिसंबर के आदेश के अनुसार पहले ही 10 प्रतिशत तक कम कर दिया गया है.

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