नयी दिल्ली. झारखंड में मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) में ”बड़े घोटाले” का आरोप लगाते हुए झामुमो नीत सरकार में शामिल कांग्रेस से सवाल किया कि क्या यह उसके धन का स्रोत है. भाजपा ने डीएमएफटी में धन के कथित गबन की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग की. डीएमएफटी खान और खनिज विकास विनियमन संशोधन अधिनियम, 2015 के तहत एक गैर-लाभकारी निकाय के रूप में स्थापित ट्रस्ट है. भाजपा के आरोप पर कांग्रेस या झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.

भाजपा के राष्ट्रीय मुख्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता तुहिन सिन्हा ने दावा किया कि डीएमएफटी में बड़ा घोटाला हुआ है. उन्होंने आरोप लगाया कि खनन प्रभावित क्षेत्रों में विकास के लिए निर्धारित धन का गबन किया गया है.

सिन्हा ने कहा, ”यह घोटाला लगभग 1,500 करोड़ रुपये से 2,000 करोड़ रुपये का होने का अनुमान है. इसके जरिए हेमंत सोरेन सरकार आदिवासियों को लूटने और आदिवासी इलाकों को दयनीय स्थिति में धकेलने की कोशिश कर रही है.” भाजपा प्रवक्ता ने दावा किया कि अकेले बोकारो जिले के लिए निर्धारित 631 करोड़ रुपये में से 500 करोड़ रुपये का कोई हिसाब नहीं है. उन्होंने कहा कि यह घोटाला तब सामने आया जब कैग (भारत के नियन्त्रक एवं महालेखापरीक्षक)की रिपोर्ट आई और सूचना के अधिकार (आरटीआई) तहत मांगी गई जानकारी में इसकी पुष्टि हुई.

सिन्हा ने कहा कि झारखंड उच्च न्यायालय ने इस संबंध में दाखिल एक याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को अपना जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है. भाजपा प्रवक्ता ने कहा,”झारखंड में झामुमो, कांग्रेस और राजद (राष्ट्रीय जनता दल) सरकार चला रहे हैं. वे बिहार में चुनाव लड़ रहे हैं. कांग्रेस को जवाब देना होगा कि क्या वह इस घोटाले के जरिए अपने लिए धन इकट्ठा कर रही है.” झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने पिछले महीने बोकारो जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) में धन के गबन का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी. मरांडी के आरोप पर प्रतिक्रिया देते हुए सत्तारू­ढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) प्रवक्ता मनोज पांडे ने कहा था कि राज्य सरकार पूरे मामले की जांच कर रही है और जो भी जिम्मेदार होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

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