राष्ट्रवाणी 6 मई 2026। अनिल टुटेजा को कथित अंतरराज्यीय शराब नीति घोटाला मामले में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय से अग्रिम जमानत मिल गई है।
मामले में टुटेजा की ओर से अधिवक्ता अरशदीप सिंह खुराना ने अदालत में पक्ष रखते हुए कहा कि उनके मुवक्किल को गलत तरीके से प्रकरण में फंसाया गया है। बचाव पक्ष ने दलील दी कि टुटेजा के खिलाफ बार-बार नए प्रकरण दर्ज कर उनकी रिहाई रोकने का प्रयास किया जा रहा है, जिसे “एवरग्रीन अरेस्ट” की रणनीति बताया गया।
बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि संबंधित एफआईआर के अधिकार क्षेत्र पर भी गंभीर सवाल हैं। अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि कथित अपराध का संबंध झारखंड से है, जबकि वहां इस मामले में अनिल टुटेजा को न तो आरोपी बनाया गया है और न ही किसी जांच एजेंसी ने उन्हें तलब किया है।
अदालत में यह भी तर्क रखा गया कि कथित साजिश से टुटेजा को जोड़ने वाला कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य उपलब्ध नहीं है। बचाव पक्ष के अनुसार जांच में अब तक न कोई डिजिटल ट्रेल मिला, न कोई वित्तीय लेन-देन का प्रमाण और न ही कोई दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किया गया। साथ ही यह भी कहा गया कि बीते वर्षों में हुई कई तलाशी कार्रवाइयों में आय से अधिक संपत्ति का कोई मामला सामने नहीं आया और लंबी जांच के बावजूद वर्तमान मामले में उनसे पूछताछ तक नहीं की गई।
इन दलीलों पर विचार करने के बाद छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा को अग्रिम जमानत प्रदान कर दी।

