नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की पत्नी के पास भी दो मतदाता पहचान पत्र हैं और पार्टी नेता राहुल गांधी ‘अपने ही नेताओं के बीच इस तरह के आपराधिक कृत्यों से खुद को अलग नहीं कर सकते’.
इससे पहले सत्तारूढ़ भाजपा ने मंगलवार को आरोप लगाया था कि खेड़ा के पास दो मतदाता पहचान पत्र हैं और राहुल गांधी अपनी पार्टी की वोटों की चोरी को ‘बचाने और छिपाने’ के लिए बिहार में मतदाता सूची पुनरीक्षण के खिलाफ अभियान चला रहे हैं.

भाजपा के इस आरोप पर कांग्रेस, खेड़ा या उनकी पत्नी कोटा नीलिमा, जो तेलंगाना में पार्टी की नेता भी हैं, की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई. भाजपा के आईटी प्रकोष्ठ के प्रमुख अमित मालवीय ने ‘एक्स’ पर लिखा, ”तेलंगाना के खैरताबाद (60) विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार और पवन खेड़ा की पत्नी तथा कांग्रेस नेता कोटा नीलिमा के पास भी दो सक्रिय ईपीआईसी (मतदाता फोटो पहचान पत्र) हैं. एक खैरताबाद (तेलंगाना का विधानसभा क्षेत्र) में पंजीकृत है और दूसरा नयी दिल्ली में.”

उन्होंने कहा, ”अब यह बिल्कुल स्पष्ट है कि कांग्रेस नेताओं के पास कई ईपीआईसी नंबर हैं और वे एक से ज्यादा जगहों पर पंजीकृत मतदाता हैं. यह कोई संयोग नहीं है.” मालवीय ने आरोप लगाया, ” ‘वोट चोरी’ में लिप्त लोग ही आम नागरिकों को उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का प्रयोग करने के लिए बदनाम कर रहे हैं और हमारी संस्थाओं को कमजोर कर रहे हैं.” भाजपा नेता ने कहा कि राहुल गांधी अपने ही खेमे के भीतर ‘इन आपराधिक कृत्यों’ से खुद को ‘मुक्त’ नहीं कर सकते, खासकर सार्वजनिक पद पाने के इच्छुक लोगों और उनके ‘आंतरिक गुट’ के सदस्यों से जुड़े मामलों से. उन्होंने लोकसभा में विपक्ष के नेता गांधी से इस पर जवाब देने की मांग की. मालवीय ने यह भी मांग की कि निर्वाचन आयोग इस मामले की जांच शुरू करे.

खेड़ा और उनकी पत्नी के मामले को लेकर राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए भाजपा की राष्ट्रीय प्रवक्ता शाजिया इल्मी ने कहा कि खुद को ‘मोहब्बत की दुकान’ कहने वाली कांग्रेस दरअसल ‘फर्जीवाड़ा और फरेब का बाजार’ चला रही है. इल्मी ने भाजपा मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा, ”कांग्रेस के सीडब्ल्यूसी सदस्य और मीडिया प्रमुख पवन खेड़ा के पास दो ईपीआईसी हैं, वहीं पता चला है कि उनकी पत्नी कोटा नीलिमा, जो 2023 के राज्य चुनावों में तेलंगाना की खैरताबाद विधानसभा सीट से पार्टी की उम्मीदवार थीं, के पास भी दो ईपीआईसी हैं.” उन्होंने इस मुद्दे पर राहुल गांधी पर ‘चुप्पी’ साधने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उसे लोकतंत्र से कोई लेनादेना नहीं है.

इल्मी ने कांग्रेस के ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर कहा, ”पूरा देश जानता है कि ईवीएम आने से पहले कश्मीर और बिहार में वोटों की डकैती कैसे होती थी. 1980 में सोनिया गांधी ने अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वा लिया था, जबकि उस समय वह इतालवी नागरिक थीं.” राहुल गांधी ने सोमवार को दावा किया था कि उनकी पार्टी जल्द ही ‘वोट चोरी’ के बारे में खुलासों का एक ‘हाइड्रोजन बम’ लेकर आएगी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उसके बाद देश को ‘अपना चेहरा’ नहीं दिखा पाएंगे. इसके बाद भाजपा ने कांग्रेस पर तीखा हमला किया है.
राहुल गांधी ने यह टिप्पणी बिहार में अपनी ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के समापन समारोह में की. इससे कुछ दिन पहले उन्होंने दावा किया था कि कर्नाटक के एक लोकसभा क्षेत्र से संबंधित मतदाता आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि कथित तौर पर भाजपा के इशारे पर निर्वाचन आयोग द्वारा चुनावों में ‘धांधली’ की गई थी ताकि भाजपा को वोट ‘चुराने’ और 2024 के आम चुनाव में सीट जीतने में मदद मिल सके.

‘वोट चोरी’ के आरोप पर नेता प्रतिपक्ष की आलोचना करते हुए मालवीय ने कहा, ”राहुल गांधी ने एक प्रेस वार्ता की और बिना पर्याप्त जांच-पड़ताल के, ईमानदार मतदाताओं को निशाना बनाया और उन्हें बदनाम किया. यहां तक कि बिना सहमति के उनकी पहचान उजागर करके उन्हें खतरे में डाल दिया.”

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