नयी दिल्ली. राहुल गांधी के चुनावों में धांधली के दावों के बीच कांग्रेस ने मंगलवार को अपने ”वोट चोरी” के आरोपों को जनता तक पहुंचाने के लिए स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर ‘लोकतंत्र बचाओ मशाल मार्च’ निकालने की घोषणा की. विपक्षी दल ने यह भी दावा किया कि जैसे-जैसे ”वोट चोरी” के और ”सबूत” सामने आ रहे हैं, ऐसा लग रहा है कि यह सिर्फ चोरी नहीं बल्कि ‘डकैती’ है.

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पार्टी महासचिवों, प्रभारियों और प्रमुख संगठनों के प्रमुखों के साथ बैठक के बाद यह दावा किया.
बैठक में पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी व महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा, जयराम रमेश और के.सी. वेणुगोपाल सहित अन्य नेता शामिल हुए. कांग्रेस नेता और एनएसयूआई के प्रभारी कन्हैया कुमार ने बैठक के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि ‘वोट चोरी’ का एक बड़ा मुद्दा सामने आया है.

कुमार ने कहा, “राहुल गांधी ने सबूतों के साथ सच सामने रखा है कि कैसे लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है.” उन्होंने कहा, “संविधान के जरिए ही एक व्यक्ति, एक वोट का सिद्धांत लाया गया था. लेकिन अब लोकतंत्र और संविधान पर हमला हो रहा है. कांग्रेस के लिए यह करो या मरो का मुद्दा है. कांग्रेस ही एक व्यक्ति, एक वोट की नीति लेकर आई थी और इसे बचाने के लिए जी-जान से लड़ेगी. यह जनता के अधिकारों की लड़ाई है.” कुमार ने कहा, “जैसा कि खरगे जी ने कहा कि जैसे-जैसे सबूत सामने आ रहे हैं, यह वोट चोरी डकैती जैसी लगती है.” उन्होंने कहा कि आगे चलकर कांग्रेस तीन महत्वपूर्ण कार्यक्रमों के जरिए इसे जनता तक ले जाएगी.

कुमार ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर 14 अगस्त को सभी जिला मुख्यालयों पर ‘लोकतंत्र बचाओ मशाल मार्च’ निकाला जाएगा. उन्होंने कहा कि 22 अगस्त से सात सितंबर के बीच कांग्रेस ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ रैलियां निकालेगी. कुमार ने कहा, “15 सितंबर से 15 अक्टूबर के बीच मतदान के अधिकार को बचाने और लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए एक हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा.” उन्होंने जोर देकर कहा कि पूरा भारत इस पर एकजुट है.

कांग्रेस ने लोगों के लिए एक वेब पोर्टल भी शुरू किया है ताकि वे पंजीकरण करा सकें, ‘वोट चोरी’ के खिलाफ निर्वाचन आयोग से जवाबदेही की मांग कर सकें और डिजिटल मतदाता सूची की मांग का समर्थन कर सकें. राहुल गांधी ने लोगों से ‘वोट चोरी’ को लेकर पोर्टल पर पंजीकरण कराकर इस मांग का समर्थन करने का आग्रह किया. उन्होंने कहा, “यह लोकतंत्र की रक्षा की लड़ाई है.”

Share.
Leave A Reply

Exit mobile version