नयी दिल्ली. सार्वजनिक क्षेत्र के केनरा बैंक ने सभी प्रकार के बचत खातों में औसत मासिक राशि (एएमबी) की जरूरत को पूरी तरह से खत्म करने की घोषणा की है. इसके तहत बैंक खाते में न्यूनतम राशि से कम जमा होने पर खाताधारक पर कोई जुर्माना नहीं लगाया जाएगा. इसमें बचत खाते, वेतन खाते, एनआरआई बचत खाते आदि शामिल हैं.

बैंक ने बयान में कहा कि यह आदेश एक जून, 2025 से प्रभावी हो गया है. केनरा बैंक के किसी भी बचत खाता ग्राहक को अपने खाते में न्यूनतम शेष राशि बनाए न रखने के लिए दंड या शुल्क का सामना नहीं करना पड़ेगा. इससे पहले, बैंक के ग्राहकों को अपने खाते के प्रकार के आधार पर न्यूनतम औसत मासिक शेष राशि बनाए रखना पड़ता था. इन मानदंडों को पूरा नहीं करने पर जुर्माना लगाया जाता था.

इस नई नीति के साथ, केनरा बैंक के सभी बचत खाताधारक अब सभी खातों के लिए किसी भी एएमबी-संबंधित दंड या शुल्क से मुक्त ‘न्यूनतम शेष राशि पर कोई जुर्माना नहीं’ का आनंद लेंगे. इस कदम से वेतनभोगी व्यक्तियों, वरिष्ठ नागरिकों, छात्रों, प्रवासी भारतीयों (एनआरआई) और पहली बार बैंकिंग सेवाओं का उपयोग करने वालों सहित केनरा बैंक के लाखों ग्राहकों को लाभ मिलने की उम्मीद है.

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